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प्रधानमंत्री मोदी: राजग सरकार असम समझौता के प्रति प्रतिबद्ध, छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने पर विचार कर रही है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि राजग सरकार असम समझौता के प्रति प्रतिबद्ध है और वह राज्य में छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने पर विचार कर रही है. असम समझौता में मार्च 1971 के बाद असम में आने वाले सभी अवैध प्रवासियों को वहां से बाहर करने का प्रावधान है...

प्रधानमंत्री मोदी: राजग सरकार असम समझौता के प्रति प्रतिबद्ध, छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने पर विचार कर रही है
असम में पीएम मोदी (Photo-ANI)

मोरन(असम): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि राजग सरकार असम समझौता के प्रति प्रतिबद्ध है और वह राज्य में छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने पर विचार कर रही है. असम समझौता में मार्च 1971 के बाद असम में आने वाले सभी अवैध प्रवासियों को वहां से बाहर करने का प्रावधान है, चाहे वह किसी भी धर्म से संबंधित क्यों ना हों. मोदी ने कहा कि असम समझौता को लागू करने के लिए केंद्र सरकार अपनी पूरी कोशिश कर रही है, जिसे कांग्रेस ने रोक दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘हमलोग असम के लोगों, उसकी संस्कृति और हितों की सुरक्षा के लिए प्रयास कर रहे हैं. राजग छह समुदायों - टाई अहोम, मोटक, मोरन, शुटिया, कुशराजवंशी और साहजन गोष्‍ठी (टी-ट्राइब्स) को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने पर गंभीरता से विचार कर रहा है.’’

विपक्षी कांग्रेस पर बरसते हुए उन्होंने कहा कि असम में जहां आजादी के बाद कई दशक तक सिर्फ 40 प्रतिशत घरों में बिजली और गैस कनेक्शन था, वहां अब लगभग हर घर में बिजली और रसोई गैस है. मोदी ने कहा, ‘‘जिस तरह से आपने मेरा समर्थन किया, मुझे आशीर्वाद दिया, इसने मेरे मन में वंचितों, गरीबों और आदिवासियों के लिए और बेहतर काम करने का आत्मविश्वास पैदा किया है. कांग्रेस और आतंकवादियों को छोड़कर हर कोई भाजपा सरकार से खुश है.’’ अपनी सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंने कहा कि असम में पांच लाख से अधिक लोगों को राजग सरकार द्वारा आवास दिया गया है, 27 लाख परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया गया है और किसानों को अपने नियमित खर्चे को पूरा करने के लिये सहायता दी गई है. चाय बगानों में काम करने वाले लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘सिर्फ एक ‘चायवाला’ ही अपने साथी ‘चायवालों’ का दर्द समझ सकता है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘राजग सरकार ने चाय बगान में काम करने वालों के लिए बैंक खाता खोलने की पहल की है. चाय बगान पट्टी में लाखों परिवारों को दो किस्तों में पांच-पांच हजार रुपये मिले हैं. सरकार ने चाय बगान पट्टी के चार लाख परिवारों के लिए मुफ्त चावल और दो किलोग्राम चीनी उपलब्ध कराने का फैसला किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह ‘चायवाला’ असम और पश्चिम बंगाल के चाय बगानों और यहां के लोगों की हालत सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है.’’मोदी ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर के पास नए भारत का ऊर्जा केंद्र बनने की ताकत है और सरकार इस सपने को साकार करने की दिशा में क्षेत्र के विकास के लिए कड़ी मेहनत कर रही है. प्रधानमंत्री ने अपना भाषण शुरू करने से पहले मशहूर संगीतकार भूपेन हजारिका को श्रद्धांजलि दी.

(The above story first appeared on LatestLY on Mar 30, 2019 04:38 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).