देश

राष्ट्रपति कोविंद की मंजूरी के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबडे होंगे अगले CJI, 18 नवंबर को शपथ ग्रहण

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Justice Ranjan Gogoi) की जगह जस्टिस एस ए बोबडे ( Sharad Arvind Bobde) देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind ) ने चीफ जस्टिस (Chief Justice of India) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने तीन अक्टूबर 2018 को देश के 46वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण की थी. वह 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे. जिसके बाद जस्टिस एस ए बोबडे ( Sharad Arvind Bobde) देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे.

राष्ट्रपति कोविंद की मंजूरी के बाद जस्टिस शरद अरविंद बोबडे होंगे अगले CJI, 18 नवंबर को शपथ ग्रहण
जस्टिस एसए बोबडे (Photo Credit- Twitter)

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Justice Ranjan Gogoi) की जगह जस्टिस एस ए बोबडे ( Sharad Arvind Bobde) देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram Nath Kovind ) ने चीफ जस्टिस (Chief Justice of India) बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने तीन अक्टूबर 2018 को देश के 46वें प्रधान न्यायाधीश के तौर पर शपथ ग्रहण की थी. वह 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे. जिसके बाद जस्टिस एस ए बोबडे ( Sharad Arvind Bobde) देश के अगले चीफ जस्टिस होंगे. जस्टिस बोबडे 18 नवंबर को बतौर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया का शपथ लेंगे. रंजन गोगोई ने केंद्र की मोदी सरकार (Modi Govt) को एक पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के अगले चीफ जस्टिस के लिए शरद अरविंद बोबडे के नाम की पैरवी की थी.

बता दें कि भारत के चीफ जस्टिस की नियुक्ति राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 124(2) के प्रावधानों के तहत करते हैं. केंद्रीय कानून व न्याय मंत्रालय नए चीफ जस्टिस की नियुक्ति के लिए सेवानिवृत्त होने वाले चीफ जस्टिस से सही समय पर अनुशंसा मांगती है. चीफ जस्टिस की अनुशंसा प्राप्त करने के बाद, केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय अनुशंसा को प्रधानमंत्री के पास भेजती है जो नियुक्ति पर राष्ट्रपति को सलाह देते हैं. चीफ जस्टिस गोगोई ने चीफ जस्टिस के रूप में 13 महीने 15 दिन का कार्यभार संभाला, जबकि न्यायमूर्ति बोबडे का कार्यकाल 18 महीनों के लिए होगा, जो 18 नवंबर को पद ग्रहण करेंगे.

कौन हैं जस्टिस एसए बोबडे

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे का जन्म 24 अप्रैल, 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था. उनके पिता का नाम अरविंद श्रीनिवास बोबडे है. शरद अरविंद ने नागपुर विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी डिग्री ली है. 1978 में जस्टिस बोबडे ने बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र को ज्वाइन किया था. इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में लॉ की प्रैक्टिस की, 1998 में वरिष्ठ वकील बने. बोबडे अपर न्यायाधीश के रूप में 29 मार्च, 2000 को बॉम्बे हाई कोर्ट की खंडपीठ का हिस्सा बने. इसके बाद वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने.

16 अक्टूबर, 2012 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली. 12 अप्रैल, 2013 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज कमान संभाली. मौजदा सीजेआई रंजन गोगोई द्वारा जस्टिस एसए बोबडे के नाम की पैरवी किए जाने के बाद वे 18 नवंबर को बतौर चीफ जस्टिस शपथ ले सकते हैं. उनका कार्यकाल 23 अप्रैल, 2021 में खत्म होने जा रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2019 11:24 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).