West Bengal CM Race: बंगाल में 'कमल' खिलने के बाद प्रदेश का सीएम होगा कौन? दिल्ली में बैठकों का दौर तेज, सुवेंदु अधिकारी समेत ये नाम रेस में सबसे आगे
West Bengal CM Race

West Bengal CM Race: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत कर दी है. 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 200 से अधिक सीटें जीतकर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है. 15 साल पुराने ममता बनर्जी के शासन के अंत के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा. हालांकि पार्टी आलाकमान ने अभी किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सुवेंदु अधिकारी इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं.

सुवेंदु अधिकारी: 'जायंट किलर' और सबसे प्रबल दावेदार

विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता सुवेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उन्होंने न केवल पार्टी के अभियान का नेतृत्व किया, बल्कि भवानीपुर सीट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर खुद को एक 'जायंट किलर' के रूप में स्थापित किया है. तृणमूल कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा में आए सुवेंदु की जमीनी पकड़ और संगठनात्मक क्षमता उन्हें आलाकमान की पहली पसंद बना सकती है.  यह भी पढ़े:  West Bengal CM Race: बंगाल में बीजेपी की भारी बढ़त के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस हुई तेज; सुवेंदु, दिलीप और अग्निमित्रा सहित ये नाम सबसे आगे

दिलीप घोष और सुकांत मजूमदार भी चर्चा में

अनुभवी नेता दिलीप घोष मुख्यमंत्री की रेस में एक और बड़ा नाम हैं. बंगाल में भाजपा के आधार को मजबूत करने और आरएसएस (RSS) के साथ उनके गहरे जुड़ाव के कारण उनका दावा भी काफी मजबूत है. वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार के नेतृत्व में पार्टी ने यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिससे उनके नाम पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है. पार्टी के भीतर एक वर्ग का मानना है कि मजूमदार का सौम्य स्वभाव और सुशिक्षित छवि बंगाल के लिए बेहतर साबित हो सकती है.

शमिक भट्टाचार्य और अग्निमित्रा पाल के नाम पर भी मंथन

पार्टी के वरिष्ठ नेता और मुख्य प्रवक्ता शमिक भट्टाचार्य अपनी कुशल रणनीतिक क्षमता के लिए जाने जाते हैं. वहीं, आसनसोल दक्षिण से अपनी सीट बचाने वाली अग्निमित्रा पाल भाजपा की उभरती हुई महिला नेता हैं. हालांकि ये नाम रेस में सुवेंदु से पीछे हैं, लेकिन कैबिनेट के महत्वपूर्ण पदों के लिए इनका नाम लगभग तय माना जा रहा है. भाजपा नेतृत्व अक्सर नए और चौंकाने वाले चेहरों को मौका देने के लिए जाना जाता है, इसलिए 'एक्स-फैक्टर' की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू

चुनाव परिणामों के बाद भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू कर दिया है. गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा राज्य के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ऐसे चेहरे को मुख्यमंत्री बनाना चाहती है जो बंगाल की 'अस्मिता' (पहचान) के साथ मेल खाता हो और अगले पांच वर्षों तक बिना किसी विवाद के सरकार चला सके. माना जा रहा है कि अगले 48 घंटों के भीतर विधायक दल की बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग सकती है.

ऐतिहासिक मोड़ पर बंगाल की राजनीति

मई 2026 के इन चुनाव नतीजों ने बंगाल की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है. 92% से अधिक मतदान और ममता बनर्जी की अपनी ही सीट पर हार इस बात का संकेत है कि जनता ने बड़े बदलाव के लिए वोट दिया है. अब नए मुख्यमंत्री के सामने राज्य की कानून-व्यवस्था को सुधारने और विकास कार्यों को गति देने की बड़ी चुनौती होगी.