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Government Employee RSS: 'इस फैसले से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी', RSS-BJP ने सरकारी कर्मचारियों को संघ के कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने के निर्णय को सराहा- VIDEO

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों में शामिल होने पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है. बीजेपी और आरएसएस ने केंद्र सरकार के इस फैसले की तारीफ की है.

Government Employee RSS: 'इस फैसले से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी', RSS-BJP ने सरकारी कर्मचारियों को संघ के कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने के निर्णय को सराहा- VIDEO
Credit- ( ANI,Twitter X )

Government Employee RSS: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों में शामिल होने पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है. बीजेपी और आरएसएस ने केंद्र सरकार के इस फैसले की तारीफ की है. भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मैं इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से अभिनंदन करता हूं. संघ साधारण संगठन नहीं है. राष्ट्रीय पुर्ननिर्माण का आंदोलन है. संघ अपने देश के लिए जीने वाले चरित्रवान, ईमानदार, कर्मठ, परिश्रमी और देशभक्त कार्यकर्ताओं को तैयार करता है.
''ऐसे कार्यकर्ता अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर उत्कृष्ट नेतृत्व करते हैं. कांग्रेस ने पूर्वाग्रह से त्रस्त होकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर जो प्रतिबंध लगाया था, अब वह हट गया है. इसका लाभ देश को होगा.''

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BJP ने सरकारी कर्मचारियों को संघ के कार्यक्रमों में भाग लेने की अनुमति देने को सराहा

इस फैसले पर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 1966 में सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाने का कांग्रेस सरकार का फैसला राजनीतिक कारणों से प्रेरित था. गोयल ने आगे कहा कि कांग्रेस की राष्ट्रवादी संगठनों के प्रति हमेशा नकारात्मक मानसिकता रही है और ऐसी सोच का देश में कोई स्थान नहीं है. प्रतिबंध हटाने के मोदी सरकार के फैसले की आलोचना करने वाले विपक्षी दल केवल तुष्टिकरण की राजनीति में रुचि रखते हैं और उन्होंने हिंदुओं के प्रति नकारात्मक रवैया प्रदर्शित किया है. आरएसएस एक राष्ट्रवादी संगठन बताया, जिसके सदस्य देशभक्ति से भरे हुए हैं.

वहीं, इस फैसले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तरफ से भी प्रतिक्रिया आई है. आरएसएस के प्रवक्ता सुनील आंबेकर ने कहा कि सरकार का मौजूदा निर्णय उचित है और यह भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 99 वर्षों से लगातार राष्ट्र के पुनर्निर्माण और समाज की सेवा में लगा हुआ है. राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता-अखंडता और प्राकृतिक आपदा के समय में समाज को साथ लेकर चलने में संघ के योगदान के कारण देश के विभिन्न स्तर के नेतृत्व ने समय-समय पर संघ की भूमिका को सराहा है. राजनीतिक हितों के कारण तत्कालीन सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के संघ जैसे रचनात्मक संगठन की गतिविधियों में हिस्सा लेने पर बेबुनियाद प्रतिबंध लगा दिया था.

एजेंसी इनपुट के साथ

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2024 09:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).