राज्यसभा चुनाव 2020: झारखंड में बीजेपी, JMM की जीत तय, कांग्रेस की राह आसान नहीं
बीजेपी (Photo Credits: IANS)

अनलॉक-1 शुरू होने के बाद राज्यसभा की सीटों के लिए 19 जून को चुनाव कराए जाने की घोषणा के बाद झारखंड में दो सीटों के लिए गहमागहमी बढ़ गई. झारखंड में राज्यसभा चुनाव में दो सीटों के लिए मतदान होना है. वोटों के गणित के आधार पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख शिबू सोरेन और प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष दीपक प्रकाश की जीत तय मानी जा रही है, लेकिन कांग्रेस के शहजादा अनवर के भी मैदान में आ जाने के बाद चुनाव दिलचस्प हो गया है. झारखंड की दोनों सीटें राजद के प्रेमचंद गुप्ता और निर्दलीय परिमल नथवानी के कार्यकाल पूरे होने के कारण खाली हैं. इन सीटों के लिए 26 मार्च को चुनाव होने थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण इसे टाल दिया गया था.

राज्यसभा चुनाव में वोटों के गणित के आधार पर झामुमो के शिबू सोरेन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश की जीत तय मानी जा रही है. क्रॉस वोटिंग नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस के उम्मीदवार की जीत मुश्किल है. लॉकडाउन की घोषणा से पहले ही नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी. झारखंड में वोटों का गणित भाजपा और झामुमो प्रत्याशी के पक्ष में दिख रहा है, हालांकि क्रॉस वोटिंग के बाद गणित के गड़बड़ाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दुमका विधानसभा सीट छोड़ने और कांग्रेस के बेरमो विधायक राजेंद्र सिंह के निधन से 81 सदस्यों वाली विधानसभा में अभी 79 सदस्य ही हैं.

दो सीटों के चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवार को 27 वोटों का जादुई अंक पाना जरूरी है. झामुमो 29 विधायकों वाली पार्टी है, इस कारण शिबू सोरेन का राज्यसभा पहुंचना तय माना जा रहा है. 25 विधायकों वाली भाजपा के उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश भी वोटों के गणित में जीत के लिए आश्वस्त हो गए हैं. बाबूलाल मरांडी के भाजपा में आने और ऑल झारखंड स्टूंडेंट यूनियन (आजसू) के दो विधायकों के समर्थन तथा निर्दलीय विधायक अमित यादव के प्रकाश के साथ आने के बाद भाजपा का गणित फिट हो गया है. यह भी पढ़ें:- Rajya Sabha Elections 2020: राज्यसभा की 18 सीटों के लिए 19 जून को होगा मतदान.

इधर, कांग्रेस के फिलहाल 15 विधायक हैं। झामुमो के दो अतिरिक्त वोट, राजद के एक और भाकपा माले के एक वोट को भी गिन लें तो यह संख्या 19 तक पहुंचती है. झारखंड विकास मोर्चा से अलग हुए प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के वोट को भी जोड़ लिया जाए तो संख्या 21 तक पहुंचती है. इस स्थिति में कांग्रेस के लिए यह चुनाव जीतना आसान नहीं दिख रह है.

हालांकि विधायक कमलेश सिंह व सरयू राय ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं. कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक दूबे हालांकि कांग्रेस के प्रत्याशी की जीत का दावा करते हैं. उन्होंने कहा कि झामुमो और कांग्रेस के प्रत्याशी की जीत तय है. दूबे ने वोटों का गणित कांग्रेस के पक्ष में नहीं होने की बात को नकारते हुए कहा कि चुनाव के बाद परिणाम आना तय है, अभी इंतजार कीजिए.