महाराष्ट्र: वसई के सनसिटी ग्राउंड में हजारों की संख्या में उमड़ी मजदूरों की भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी
लॉकडाउन के बावजूद प्रवासी मजदूरें के पलायन का सिलसिला जारी है. रिक्शा और ऑटो रिक्शा ड्राइवर अपनी गाड़ियों से निकलने लगे हैं. वहीं कई लोग रेलवे के इंतजार में अब भी आस लिए बैठे हैं. कुछ ऐसा ही नजारा महाराष्ट्र में नजर आया. जहां से उत्तर प्रदेश के लिए आने वाली 6 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए वसई में सनसिटी ग्राउंड पर काफी प्रवासी मज़दूर इकट्ठा हो गए. इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का उल्लंघन नही होता नजर आया. दरअसल नजारा वसई के सनसिटी ग्राउंड का है. तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्राउंड में किसी बड़ी संख्या में लोग ट्रेन की इंतजार में खड़े हैं. मजदूरों की घर वापसी को लेकर केंद्र कर महाराष्ट्र सरकार के बीच कुछ फिलहाल ठनठनी चल रही है.
मुंबई. लॉकडाउन के बावजूद प्रवासी मजदूरें के पलायन का सिलसिला जारी है. रिक्शा और ऑटो रिक्शा ड्राइवर अपनी गाड़ियों से निकलने लगे हैं. वहीं कई लोग रेलवे के इंतजार में अब भी आस लिए बैठे हैं. कुछ ऐसा ही नजारा महाराष्ट्र में नजर आया. जहां से उत्तर प्रदेश के लिए आने वाली 6 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के लिए वसई में सनसिटी ग्राउंड पर काफी प्रवासी मज़दूर इकट्ठा हो गए. इस दौरान लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का उल्लंघन नही होता नजर आया. दरअसल नजारा वसई के सनसिटी ग्राउंड का है. तस्वीरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ग्राउंड में किसी बड़ी संख्या में लोग ट्रेन की इंतजार में खड़े हैं. मजदूरों की घर वापसी को लेकर केंद्र कर महाराष्ट्र सरकार के बीच कुछ फिलहाल ठनठनी चल रही है.
मजदूरों के पलायन का मसला एक राज्य से जुड़ा हुआ नहीं है. कई राज्यों से लोगों का पलायन जारी है. वहीं प्रवासी मजदूरों के पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर दूर घर जाने को विपक्ष ने मुद्दा बनाया तो केंद्र सरकार को असहज होना पड़ा. लेकिन केंद्र सरकार का मानना है कि प्रवासी मजदूरों की समस्या कई राज्यों के असहयोग के कारण उत्पन्न हुई. अगर राज्य सरकारों ने केंद्र सरकार का साथ दिया होता तो प्रवासी मजदूरों को पैदल जाने के लिए मजबूर न होना पड़ता. उन्हें ट्रेन से उनके गृह राज्यों को भेजा जाता. यह भी पढ़ें:- मुंबई पुलिस ने जारी की गाइडलाइंस WhatsApp, Facebook, Twitter, TikTok पर गलत संदेश फैलाने वालों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई.
ANI का ट्वीट:-
Mumbai: Thousands of migrant workers gather at Suncity grounds of Vasai, waiting for their turn to go to Vasai railway station and board trains to their native places. 6 Shramik Special trains for Uttar Pradesh are leaving from the railway station today. #Maharashtra pic.twitter.com/W9Ky9nFqsv
— ANI (@ANI) May 26, 2020
महाराष्ट्र में सियासी दंगल
दरअसल राज्य के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनके पास लिस्ट तैयार है लेकिन प्रवासी मजदूरों को लेकर केंद्र सरकार फिर भी श्रमिक ट्रेन (Shramik Special Train) नहीं चला रही है. उद्धव के इस बयान के बाद रेल मंत्री पियूष गोयल (Railway Minister Piyush Goyal) ने ताबड़तोड़ तीन ट्वीट करते हुए सीएम उद्धव ठाकरे से कहा कि वो मजदूरों की लिस्ट तैयार रखें. उनके राज्य के लिए जितनी ट्रेंनें कहेंगे उतनी देंगे.
वहीं मंगलवार को इन सारे कयासों के बीच सीएम उद्धव ठाकरे (CM Uddhav Thackeray) से एनसीपी चीफ शरद पवार (NCP Chief Sharad Pawar) ने मातोश्री जाकर उनसे मुलाकात की है. दूसरी तरफ बीजेपी नेता नारायण राणे ने भी राज्यपाल से मुलाकात कर सूबे में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 26, 2020 02:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

