MP Assembly Bypolls 2020: पूर्व CM कमलनाथ हुए एक्टिव, सिंधिया के प्रभाव वाले ग्वालियर क्षेत्र का किया दौरा, BJP ने कसा तंज
मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के ग्वालियर दौरे ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. भाजपा जहां कमलनाथ के दौरे पर तंज कस रही है, वहीं कांग्रेस जनता के बढ़ते रुझान का दावा कर रही है.
भोपाल, 17 सितंबर: मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा के उप-चुनाव से पहले कांग्रेस (Congress) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के ग्वालियर दौरे ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. भाजपा जहां कमलनाथ के दौरे पर तंज कस रही है, वहीं कांग्रेस जनता के बढ़ते रुझान का दावा कर रही है. राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है और इनमें सबसे ज्यादा 16 सीटें ग्वालियर-चंबल इलाके से आती हैं. यही कारण है कि दोनों राजनीतिक दलों-भाजपा व कांग्रेस का सबसे ज्यादा जोर इसी इलाके पर है.
यह पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र भी माना जाता है. यही कारण है कि भाजपा लगातार सक्रियता बढ़ा रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस भी सक्रिय हो चली है. कमल नाथ का दो दिवसीय ग्वालियर दौरा शुक्रवार से शुरू हो रहा है. कांग्रेस इसे मेगा-शो बता रही है, जिसमें कमल नाथ रोड शो करेंगे और इस अंचल की 36 सीटों के कार्यकर्ताओं और नेताओं से संवाद करेंगे. लगभग दो साल में कमल नाथ का यह पहला ग्वालियर दौरा है.
कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह यादव सियासी तौर पर कमल नाथ के इस दौरे को महत्वपूर्ण मानते हैं. उनका कहना है, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद इस क्षेत्र की जनता की कांग्रेस और कमल नाथ से आशाएं बढ़ी है. वास्तव में इस इलाके का मतदाता और आम जनता का बड़ा वर्ग सिंधिया को नापसंद करता है, यह बात बीते कुछ दिनों में सामने भी आ गई है.
सिंधिया खुद छह माह तक ग्वालियर नहीं गए और जब गए तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ. इस दौरे के दौरान सिंधिया को भारी विरोध का सामना भी करना पड़ा. इससे साबित होता है कि सिंधिया के खिलाफ जनता में कितना आक्रोश है. वहीं, भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने कमल नाथ के ग्वालियर दौरे पर कहा, कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जनता से झूठ बोला है.
क्षेत्र के साथ अन्याय किया है. प्रदेश में कांग्रेस की सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के दम पर ही बनी थी और जनता ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री देखना चाहती थी. लेकिन दिग्विजय-कमलनाथ ने इस क्षेत्र के साथ छल किया और कमलनाथ मुख्यमंत्री बन गए. अब इस क्षेत्र की जनता पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से यह जानना चाहती है कि उन्होंने ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के विकास के लिए क्या काम किया? क्यों इस क्षेत्र के विकास और सम्मान की पीठ में छूरा भोंका?
पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के दौरे पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कमल नाथ का यह दौरा क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह क्षेत्र सिंधिया के प्रभाव का है, कमल नाथ सत्ता में रहते ग्वालियर आए नहीं, अब आ रहे है. कांग्रेस की पहली कतार भाजपा में जा चुकी है, कमल नाथ के सामने नई कतार खड़ी करने की चुनौती है, कमल नाथ का यह दौरा आने वाले उप-चुनावों की तस्वीर पर से कुछ धुंध हटाने वाला हो सकता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 17, 2020 12:58 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

