मध्य प्रदेश के झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव ने कमलनाथ सरकार की सेहत को पहले के मुकाबले और दुरुस्त करने का काम किया है, क्योंकि बहुमत के आंकड़े से दो अंक दूर चल रही इस सरकार का इस उपचुनाव से एक अंक और बढ़ गया है. अब सरकार पूर्ण बहुमत से सिर्फ एक सीट पीछे रह गई है. वहीं इस चुनाव से सरकार का मनोबल बढ़ा है.

दिल्ली: कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने आज कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान उनके भाई और कांग्रेस नेता, डीके सुरेश भी मौजूद थे.

बिहार में एक लोकसभा सीट और पांच विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को जहां झटका लगा है, वहीं असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने बिहार विधानसभा में अपना खाता खोल लिया है. इस उपचुनाव में राजद को भी संजीवनी मिली है. समस्तीपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में राजग की ओर से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने जहां अपना कब्जा बरकरार रखा है, वहीं पांच विधानसभा सीटों में से एक सीट पर एआईएमआईएम के प्रत्याशी, दो सीटों पर राजद और एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुए हैं. जद (यू) नाथनगर सीट पर कड़े संघर्ष के बाद अपना कब्जा बरकरार रख सका, जबकि कब्जे वाली तीन सीटें उसे गंवानी भी पड़ीं.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने झाबुआ विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में कांग्रेस को मिली जीत को जनता को सच्चाई का मिला साथ बताया है. इसके साथ ही उन्होंने देश के अन्य हिस्सों से आए नतीजों को जनता में भाजपा को लेकर पनपी निराशा की लहर का असर बताया है. झाबुआ में कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया की जीत पर संवाददाताओं से बातचीत में कमलनाथ ने कहा, "झाबुआ की जनता ने सच्चाई का साथ दिया है. भाजपा के राज्य में पिछले 15 सालों तक जनता के साथ धोखा हुआ, उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हुईं. इतना ही नहीं जनता ने यह भी पहचाना कि उनका भविष्य किस पार्टी के पास सुरक्षित है. झाबुआ के नतीजे बताते हैं कि जनता भाजपा से निराश है."

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता अजीत पवार बारामती विधानसभा क्षेत्र से जीते.

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के परिणामों ने यह संकेत दिया है कि कांग्रेस के चाणक्य अहमद पटेल की वापसी अभी भी परिणाम दे सकती है, राजनीतिक हालात चाहे जो भी हों. चुनाव परिणाम पर सोनिया गांधी और पटेल की छाप भी है. जब पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारी शुरू की, तब इसके सामने कई समस्याएं थीं. पार्टी के पास सीमित संसाधन थे और पैसे की बड़ी किल्लत थी.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-शिवसेना गठबंधन विधानसभा चुनाव में 240 सीट प्राप्त करने के अपने दावे से दूर रह गई और गुरुवार को अबतक प्राप्त रुझानों से विपक्षी पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन को करीब 160 सीटों के पास रोकने में कामयाब दिख रही है. यहां 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गठबंधन 100 सीटों के आंकड़े को छूती नजर आ रही है.

अशोक तंवर ने कहा- दुष्यंत चौटाला हरियाणा के अगले सीएम होंगे.

उत्तर प्रदेश की गंगोह विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार नोमान मसूद को अंतिम चक्र में पराजित घोषित किए जाने के बाद कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. उप्र के कांग्रेस नेता इस 'धांधली' के खिलाफ लखनऊ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में धरने पर बैठ गए हैं.

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के प्रमुख रामविलास पासवान के भाई रामचंद्र पासवान के निधन के बाद खाली हुई समस्तीपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में प्रिंस राज ने बुधवार को जीत दर्ज की है. प्रिंस ने कांग्रेस प्रत्याशी अशोक कुमार को एक लाख से अधिक मतों से पराजित किया है. समस्तीपुर के सांसद रहे रामचंद्र पासवान के पुत्र प्रिंस राज ने अपनी जीत को जनता का प्यार बताते हुए राजग के सभी नेताओं का आभार जताया.

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नई दिल्ली: लोकतंत्र के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम है. महाराष्ट्र और हरियाणा में 21 अक्टूबर को हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे अब कुछ ही देर में आएंगे. सुबह 8 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी. दोनों ही राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस आमने-सामने है. इसके आलावा देश के 18 राज्यों की 51 विधानसभा और दो लोकसभा सीटों के लिए 21 अक्टूबर को हुए उपचुनाव के परिणाम आने वाले है. जिन उपचुनाव सीटों के परिणाम आज आने वाले है उनमें से करीब 30 सीट बीजेपी और सहयोगी दलों के पास है, जबकि वहीं 12 सीटें कांग्रेस और बाकी अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के हिस्से में आते है.

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के साथ हुआ यह उप-चुनाव सभी दलों की प्रतिष्ठा की लड़ाई है. बात करें महाराष्ट्र कि तो वहां बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सीधी टक्कर कांग्रेस-एनसीपी से है. वहीं, हरियाणा में कांग्रेस-बीजेपी-INLD और JJP के बीच मुकाबला है. उपचुनाव सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर हुए है. वहीं इसके बाद गुजरात में छह, बिहार में पांच, असम में चार, हिमाचल प्रदेश में दो और तमिलनाडु में दो सीटों पर उपचुनाव हुए थे.

जिन दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव हुआ था, उनमें से एक महाराष्ट्र की सतारा लोकसभा सीट और बिहार की समस्तीपुर लोकसभा सीट है. ये सीटें क्रमश: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और लोकजनशक्ति पार्टी के पास थी.

राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में उपचुनाव एक तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए परीक्षा की तरह है. बीजेपी के पास यहां 403 विधानसभा सीटों में से 302 हैं. यहां 11 सीटों के लिए बीजेपी, बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच चौतरफा मुकाबला है. इन सीटों में से आठ सीट पहले बीजेपी के पास थी, एक सीट उसके सहयोगी दल अपना दल (सोनेलाल) के पास थी. वहीं रामपुर और जलालपुर (आंबेडकरनगर) क्रमश: समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पास थी. राज्य में सोमवार को 47.05 फीसदी मतदान हुआ था.

जबकि राजस्थान में अगर बीजेपी और उसके सहयोगी आरएलपी से कांग्रेस दो सीटें छीनने में सफल हो जाती है तो वह विधानसभा में मजबूत स्थिति में आ जाएगी. यहां दो विधानसभा सीटों मंडावा और खींवसर के लिए उपचुनाव हुए थे.