Farmers Protest: रणदीप सुरजेवाला का केंद्र पर निशाना, कहा-कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना बंद कीजिए, सत्ता का हट छोड़, कानून वापस लें
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए कृषि कानूनों को लेकर जमकर सियासी बयानबाजी जारी है. यह मामला हर दिन बीतने के साथ ही गंभीर होता जा रहा है. कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष बयानों के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार से सवाल पूछ रहा है तो दूसरी तरफ सरकार के नेताओं की ओर से पलटवार कर जवाब भी दिया जा रहा है. इसी बीच कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने एक बार फिर कृषि बिल को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है.
नई दिल्ली, 17 दिसंबर. केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा लाए कृषि कानूनों (Farm Bills 2020) को लेकर जमकर सियासी बयानबाजी जारी है. यह मामला हर दिन बीतने के साथ ही गंभीर होता जा रहा है. कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष बयानों के माध्यम से केंद्र की मोदी सरकार से सवाल पूछ रहा है तो दूसरी तरफ सरकार के नेताओं की ओर से पलटवार कर जवाब भी दिया जा रहा है. इसी बीच कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने एक बार फिर कृषि बिल को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस (Congress) के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना बंद कीजिए, सत्ता का हट छोड़, कानून वापस लें.
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि क्या इस देश का किसान बेवकूफ है? क्या इस देश का किसान भ्रमित है? क्या अक्ल केवल मोदी सरकार के अंदर व वहाँ बैठे मंत्रियों के पास है? अगर कांग्रेस किसान विरोधी होती तो 150 फीसदी MSP में इजाफ़ा नहीं देती. कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना बंद कीजिए! सत्ता का हट छोड़, कानून वापिस लें! यह भी पढ़ें-Farmers Protest: किसानों की तरफ से अब भी सभी विकल्प खुले, राकेश टिकैत बोले-केंद्र बातचीत के लिए बुलाएगी तो हम जाएंगे
रणदीप सिंह सुरजेवाला का ट्वीट-
क्या इस देश का किसान बेवकूफ है?
क्या इस देश का किसान भ्रमित है?
क्या अक्ल केवल मोदी सरकार के अंदर व वहाँ बैठे मंत्रियों के पास है?
अगर कांग्रेस किसान विरोधी होती तो 150%MSP में इजाफ़ा नहीं देती।
कांग्रेस के कंधे पर बंदूक रखकर चलाना बंद कीजिए!
सत्ता का हट छोड़, कानून वापिस लें! pic.twitter.com/Ro3kwOuadq
— Randeep Singh Surjewala (@rssurjewala) December 17, 2020
वहीं किसानों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. साथ ही किसानों का कहना है कि अगर केंद्र बातचीत के लिए बुलाती है रो वह जाएंगे. इससे पहले केंद्र और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई है लेकिन मामले का कोई हल नहीं निकल सका है. यही कारण है कि पिछले तीन सप्ताह से किसानों का कृषि बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2020 05:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

