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पीएम मोदी के भाषण को कांग्रेस ने बताया खोखला, डीके शिवकुमार ने कहा- हमें आर्थिक पैकेज की उम्मीद थी

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा, हमें आर्थिक पैकेज की उम्मीद थी. कोई पैकेज, प्रोत्साहन या नीति की घोषणा नहीं की गई है.

पीएम मोदी के भाषण को कांग्रेस ने बताया खोखला, डीके शिवकुमार ने कहा- हमें आर्थिक पैकेज की उम्मीद थी
कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार (Photo Credit-ANI)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मंगलवार को देशव्यापी लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की. पीएम मोदी के संबोधन के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार को घेरा. कांग्रेस ने पीएम मोदी के भाषण को खोखला बताया. कांग्रेस ने कहा कि पीएम के भाषण में न तो वित्तीय पैकेज का कोई जिक्र था और न ही इकॉनमी को उबारने के लिए ठोस कदमों का कोई जिक्र था. कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा, हमें आर्थिक पैकेज की उम्मीद थी. कोई पैकेज, प्रोत्साहन या नीति की घोषणा नहीं की गई है.

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने ट्वीट में लिखा, पीएम मोदी के भाषण से मुख्य बात ही नदारद थी. उन्होंने कहा, 'पीएम का शानदार संबोधन. उपदेश, बड़ी-बड़ी बातें, प्रेरणा....लेकिन सबकुछ खोखला! कोई वित्तीय पैकेज नहीं, कोई विवरण नहीं, कुछ ठोस नहीं. न तो गरीबों के लिए और न ही मिडल क्लास के लिए और न ही इंडस्ट्री या कारोबार के लिए. लॉकडाउन अच्छा है लेकिन यह अपने आप में काफी नहीं है. लोगों की आजीविका से जुड़े एक भी मुद्दे को नहीं छुआ.' यह भी पढ़ें- लॉकडाउन बढ़ाने के पीएम मोदी के ऐलान के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने केंद्र को घेरा, कहा- पैसा है, खाना है लेकिन सरकार देगी नहीं.

केंद्र सरकार पे डीके शिवकुमार का हमला-

सिंघवी ने ट्वीट कर कहा कि पीएम मोदी का भाषण उस हैमलेट की तरह है जो बिना प्रिंस ऑफ डेनमार्क के हैं. उन्होंने कहा कि हम जीडीपी का बड़ा हिस्सा इससे निपटने के लिए चाहते हैं लेकिन इन सब पर एक शब्द भी नहीं बोला गया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा, 'गरीबों को 40 दिन के लिए अपना इंतजाम खुद करने के लिए छोड़ दिया गया. पैसा है, खाना है लेकिन सरकार वह देगी नहीं. रोओ, मेरे प्यारे देश!

अभिषेक मनु सिंघवी का ट्वीट-

रणदीप सुरजेवाला का ट्वीट-

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट किया, "कोरोना वायरस से लड़ने का देश का रोडमैप कहांहै. उन्होंने कहा कि नेतृत्व का मतलब यह नहीं है कि लोगों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया जाए बल्कि उसका मतलब यह है कि देश के लोगों के प्रति सरकार अपनी जवाबदेही के कर्तव्य को निभाए. उन्होंने कहा, 'बहुत सारी बातें कही गईं. लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए रोडमैप कहां है.'

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 04:18 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).