कोरोना से जंग: कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सांसदों के वेतन-पेंशन में कटौती के मोदी सरकार के फैसले का किया स्वागत, लेकिन MPLAD फंड को लेकर उठाए सवाल
कोविड-19 ने भारत में कोहराम मचाया हुआ है. कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या देश में तेजी से बढ़ती जा रही है. कोरोना से लड़ने के लिए आज दोपहर पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है. मोदी सरकार के इस फैसले पर देश के हर कोने से प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ट्वीट कर केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है.
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नई दिल्ली. कोविड-19 ने भारत में कोहराम मचाया हुआ है. कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) से संक्रमित मरीजों की संख्या देश में तेजी से बढ़ती जा रही है. कोरोना से लड़ने के लिए आज दोपहर पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है. बताना चाहते है कि मोदी कैबिनेट ने दो बड़े फैसले लिए हैं. पहले फैसले की बात करें तो इसमें सभी सांसदों की सैलरी में एक साल के लिए 30 प्रतिशत कटौती की गई है. जबकि दूसरे फैसले में MPLAD फंड को दो साल के लिए खत्म कर दिया गया है. मोदी सरकार के इस फैसले पर देश के हर कोने से प्रतिक्रिया सामने आ रही है. इसी बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Congress MP Shashi Tharoor) ने ट्वीट कर केंद्र सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. लेकिन MPLAD फंड को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं.
शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सांसदों के वेतन और पेंशन में कटौती के केंद्र के फैसले का स्वागत है. यह हमारे लिए देश भर में पीड़ित लोगों को एकजुटता दिखाने का एक अच्छा तरीका है.लेकिन 2 साल के लिए MPLADS फंड को समाप्त करने वाला अध्यादेश और केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए समेकित फंड प्रोब्लेमैटिक है. यह भी पढ़े-कोरोना सकंट से भारत की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, MP फंड 2 साल के लिए स्थगित; सांसद लेंगे कम वेतन
शशि थरूर ने केंद्र के फैसले का किया स्वागत, लेकिन MPLAD फंड को लेकर उठाए सवाल
Centre's decision to cut salaries &pensions of MPs is welcome. It's a good way for us to show solidarity w/people suffering across the country. But the Ordinance ending MPLADS funds for 2 years &pooling them into a Consolidated Fund run by the CentralGovt is problematic: [contd.]
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) April 6, 2020
ज्ञात हो कि मोदी सरकार ने सोमवार को कोरोना से लड़ने के लिए साल 2020-21 और 2021-22 के लिए सांसदों को मिलने वाले एमपीएलएडीएस फंड को दो साल के लिए अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है. इससे जमा होने वाले फंड को कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई में इस्तेमाल किया जाएगा.
वही केंद्र सरकार ने पीएम मोदी सहित सभी कैबिनेट मंत्रियों और सांसदों के वेतन में एक अप्रैल से 30 फीसदी की कटौती भी करने का फैसला किया है. यह कटौती 1 साल तक रहेगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 06, 2020 07:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

