New Criminal Law Bills: 177 धाराओं में बदलाव, अंग्रेजों के काले कानूनों का नए भारत में सफाया, लोकसभा में बोले अमित शाह
गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि मोदी सरकार अंग्रेजों के जमाने के कानूनों में बदलाव कर रही है. आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव किया जा रहा है.
CrPC, IPC में बदलाव वाले बिल पर लोकसभा में आज चर्चा हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (CRPC) में पहले 484 धाराएं थीं, अब 531 होंगी, 177 धाराओं में बदलाव हुआ है. 9 नई धाराएं जोड़ी गई हैं, 39 नए सब सेक्शन जोड़े गए हैं, 44 नए प्रोविजन और स्पष्टीकरण जोड़े गए हैं, 35 सेक्शन में टाइम लाइन जोड़ी हैं और 14 धाराओं को हटा दिया गया है.
गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि मोदी सरकार अंग्रेजों के जमाने के कानूनों में बदलाव कर रही है. आपराधिक न्याय प्रणाली में आमूल-चूल बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति की बात कही थी, उसी के तहत गृह मंत्रालय ने आपराधिक कानूनों में बदलाव के लिए गहन विचार किया. 143 Opposition MPs Suspended: लोकसभा से दो और सांसद हुए सस्पेंड, अब तक 143 सांसदों पर हुई कार्रवाई
Speaking in the Lok Sabha on three new criminal law bills. https://t.co/R9dNYYD0VA
— Amit Shah (@AmitShah) December 20, 2023
अमित शाह ने आपराधिक न्याय प्रणाली से संबंधित तीन नये विधेयकों पर लोकसभा में चर्चा का जवाब देते हुए कहा, "नये कानून व्यक्ति की स्वतंत्रता, मानव के अधिकार और सबके साथ समान व्यवहार के तीन सिद्धांतों के आधार पर बनाये जा रहे हैं. आजादी के बाद पहली बार अपराध न्याय प्रणाली से जुड़े तीनों कानूनों का मानवीकरण होगा."
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है मोदी सरकार,
पहली बार भारतीय न्याय संहिता में दी गयी है आतंकवाद की व्याख्या। #NayeBharatKeNayeKanoon pic.twitter.com/ivy1cV1Qkd
— BJP (@BJP4India) December 20, 2023
राजद्रोह जैसे अंग्रेजों के काले कानूनों का नए भारत में सफाया हुआ. आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है मोदी सरकार. पहली बार भारतीय न्याय संहिता में दी गयी है आतंकवाद की व्याख्या.
गृह मंत्री ने कहा कि 'मॉब लिंचिंग' घृणित अपराध है और नये कानून में इस अपराध में फांसी की सजा का प्रावधान है. उन्होंने कहा कि मैंने तीनों विधेयकों को गहनता से पढ़ा है और इन्हें बनाने से पहले 158 परामर्श सत्रों में भाग लिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 20, 2023 04:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

