नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) के कर्ज की राशि बढ़ाने का फैसला लिया है. अब पहले दो चरणों में मिलने वाली राशि में 5,000-5,000 रूपये की वृद्धि की गई है. पहला चरण 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये कर दिया गया है. दूसरा चरण 20,000 रुपये से बढ़कर 25,000 रुपये और तीसरा चरण पहले की तरह 50,000 है. इस बदलाव से छोटे स्ट्रीट वेंडर्स को कारोबार बढ़ाने में ज्यादा सहूलियत मिलेगी.
UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड की सुविधा
अब योजना में UPI-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड (UPI Linked RuPay Credit Card) भी जोड़ा गया है. यह कार्ड उन लाभार्थियों को मिलेगा जिन्होंने पहले दो किश्तों का समय पर भुगतान कर दिया हो. इस सुविधा से डिजिटल लेनदेन आसान होगा और वेंडर्स को कैशबैक का लाभ भी मिलेगा.
कब तक चलेगी योजना?
सरकार ने इस योजना की अवधि को भी बढ़ाकर मार्च 2030 तक कर दिया है. इसके अलावा, अब यह योजना सिर्फ नगर निकाय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जनगणना वाले कस्बों और आसपास के peri-urban क्षेत्रों तक भी फैलाई जाएगी.
वेंडर्स के लिए खास फायदे
- 7% ब्याज सब्सिडी.
- डिजिटल लेनदेन पर सालाना 1,200 रुपये तक कैशबैक.
- ‘स्वनिधि से समृद्धि’ कार्यक्रम के जरिए अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ.
- हर महीने लोक कल्याण मेले के जरिए योजना का प्रचार-प्रसार और लाभ पहुंचाना.
अब तक की उपलब्धियां
- 9.6 मिलियन से ज्यादा लोन बांटे गए, जिनकी कुल राशि करीब ₹13,797 करोड़ है.
- 6.8 मिलियन स्ट्रीट वेंडर्स को फायदा मिला.
- लगभग 4.7 मिलियन लाभार्थियों ने डिजिटल भुगतान से 241 करोड़ का कैशबैक कमाया.
योजना का सामाजिक प्रभाव
2023 में एसबीआई की एक स्टडी में सामने आया कि 43% लाभार्थी महिलाएं हैं. 44% लाभार्थी ओबीसी वर्ग से हैं. 22% लाभार्थी एससी और एसटी वर्ग से हैं. इससे साफ है कि योजना ने वंचित तबके और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है.
कुल मिलाकर, पीएम स्वनिधि योजना का नया रूप न सिर्फ रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक सहारा देगा बल्कि उन्हें डिजिटल इंडिया और सरकारी योजनाओं से भी जोड़कर समाज में उनकी स्थिति मजबूत करेगा.













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