Fact Check: सोशल मीडिया पर रोजाना कई वीडियो वायरल होते है.कई बार ये वीडियो सच होते है और कई बार वीडियो फेक और एडिटेड होते है. ऐसे कई वीडियो है जो फेक है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है. जिसमें वे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम को लेकर बोल रहे है. इस वीडियो में दावा क्या गया है कि वे खुद भी ईवीएम का विरोध कर चुके है. लेकिन सच्चाई कुछ और है. फेसबुक पर एक यूजर ने इस वीडियो को डाला है, जो शॉर्ट वीडियो है.
इस वीडियो में पीएम कह रहे है की ,' लोग अनपढ़ है, लोगों को कुछ आता नहीं है, दुनिया के पढ़े लिखे देश भी, जब चुनाव होता है तो बैलट पेपर पर नाम पढ़कर ठप्पा मारते है, अमेरिका में भी. ये वीडियो गलत दावें के साथ वायरल किया जा रहा है.ये भी पढ़े:PM Modi Attack On Opposition: ईवीएम की अर्थी जुलूस निकालने वालों के मुंह पर 4 जून को लगा ताला- पीएम मोदी
पीएम मोदी की एडिटेड वीडियो क्लिप
पीएम मोदी के परिवर्तन रैली का ओरिजिनल वीडियो
ईवीएम से वोटिंग को लेकर की थी तारीफ़
बता दें की जिस वीडियो को वर्तमान का बताकर शेयर किया जा रहा है. वह वीडियो साल 2016 का है. बीजेपी की मुरादाबाद में हुई परिवर्तन रैली का है. इस न्यूज़ को विश्वास.News ने फैक्ट चेक किया है. जिसके आधार पर उन्होंने इसे फेक बताया है. इसके साथ ही एडिटेड वीडियो ओर ओरिजिनल वीडियो भी शेयर किया है.पूरा भाषण देखने पर स्पष्ट होता है कि मोदी ईवीएम का समर्थन कर रहे थे और उन देशों पर कटाक्ष कर रहे थे जो आज भी बैलेट पेपर से चुनाव कराते हैं.
वायरल क्लिप में क्या छिपाया गया?
वायरल हो रही क्लिप को सिर्फ कुछ सेकंड तक चलाया गया है, जिससे उसका आशय पूरी तरह बदल गया.वास्तव में पीएम मोदी ने उस भाषण में भारत की तकनीकी दक्षता और लोकतंत्र में पारदर्शिता की सराहना की थी.उन्होंने कहा था कि दुनिया के पढ़े-लिखे देश अब भी बैलेट पेपर से वोटिंग करते हैं, लेकिन भारत जैसे विशाल और विविधताओं वाले देश ने तकनीक को अपनाकर एक उदाहरण पेश किया है.












QuickLY