PM Modi आज दिल्ली में मुख्य सचिवों के 5वें राष्ट्रीय सम्मेलन की करेंगे अध्यक्षता, ‘विकसित भारत के लिए मानव पूंजी’ है मुख्य विषय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार और रविवार (27-28 दिसंबर) को राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे. इस सम्मेलन का मुख्य फोकस भारत को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए देश की मानव पूंजी को मजबूत करना होगा.
नई दिल्ली, 27 दिसंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) शनिवार और रविवार (27-28 दिसंबर) को राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन (Fifth National Conference of Chief Secretaries) की अध्यक्षता करेंगे. इस सम्मेलन का मुख्य फोकस भारत को विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए देश की मानव पूंजी को मजबूत करना होगा. केंद्र सरकार द्वारा आयोजित इस उच्च-स्तरीय सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता और डोमेन विशेषज्ञ प्रमुख राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं पर गहन चर्चा के लिए एक साथ आएंगे. यह भी पढ़ें: Veer Bal Diwas 2025: 'वीर बाल दिवस' पर पीएम मोदी का 'Gen Z' और 'Alpha' को संदेश, बोले- 'आपकी पीढ़ी हमें नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी'
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस साल के सम्मेलन का मुख्य विषय "विकसित भारत के लिए मानव पूंजी" (Human Capital for Viksit Bharat) है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री के सहकारी संघवाद के विजन पर आधारित, व्यवस्थित और निरंतर बातचीत के माध्यम से केंद्र-राज्य सहयोग को मजबूत करना है. PMO ने कहा कि यह सम्मेलन "एक ऐसे मंच के रूप में काम करता है जहां केंद्र और राज्य मिलकर काम करते हैं, भारत की मानव पूंजी की क्षमता को अधिकतम करने और समावेशी, भविष्य के लिए तैयार विकास को तेज करने के लिए एक एकीकृत रोडमैप तैयार करते हैं." इसमें यह भी कहा गया कि चर्चाओं का मकसद भारत को अपनी आबादी को सिर्फ एक डेमोग्राफिक डिविडेंड के तौर पर देखने से आगे ले जाना है, और इसके बजाय "शिक्षा प्रणालियों को मजबूत करने, कौशल पहलों को आगे बढ़ाने और देश भर में भविष्य के लिए तैयार रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए ठोस रणनीतियां विकसित करके नागरिकों को मानव पूंजी के रूप में स्थापित करना है."
26 से 28 दिसंबर तक होने वाली तीन-दिवसीय कॉन्फ्रेंस में एक कॉमन डेवलपमेंट एजेंडा को फाइनल करने पर ध्यान दिया जाएगा. मुख्य विषय के तहत, पांच ज़रूरी क्षेत्रों पर खास जोर दिया जाएगा: शुरुआती बचपन की शिक्षा, स्कूली शिक्षा, स्किलिंग, उच्च शिक्षा, और खेल और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सबसे अच्छे तरीकों और काम करने लायक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. इसके अलावा, मुख्य सुधार और विकास-उन्मुख विषयों पर छह स्पेशल सेशन रखे गए हैं, जिनमें राज्यों में डीरेगुलेशन; गवर्नेंस में टेक्नोलॉजी – अवसर, जोखिम और रोकथाम; स्मार्ट सप्लाई चेन और मार्केट लिंकेज के लिए एग्रीस्टैक; एक राज्य, एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल; आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी; और LWE (वामपंथी उग्रवाद) के बाद के भविष्य के लिए योजनाएं शामिल हैं. यह भी पढ़ें: Veer Bal Diwas: भारत मंडपम में ‘वीर बाल दिवस’ समारोह का आयोजन आज, पीएम मोदी होंगे शामिल
PMO ने आगे बताया कि खाने के दौरान हेरिटेज और पांडुलिपि संरक्षण और डिजिटलीकरण, और सभी के लिए आयुष – प्राइमरी हेल्थकेयर डिलीवरी में ज्ञान को इंटीग्रेट करने पर खास चर्चा होगी, जो सांस्कृतिक संरक्षण और समग्र स्वास्थ्य सेवा पर सरकार के जोर को दिखाता है. मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन पिछले चार सालों से हर साल आयोजित किया जा रहा है. पहला सम्मेलन जून 2022 में धर्मशाला में हुआ था, जिसके बाद जनवरी 2023, दिसंबर 2023 और दिसंबर 2024 में नई दिल्ली में इसके एडिशन हुए। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सीनियर अधिकारी, डोमेन एक्सपर्ट्स के साथ, इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जिससे आने वाले सालों में भारत के विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 27, 2025 09:05 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

