New Delhi, April 18: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए उसे ‘एंटी-रिफॉर्म’ और ‘स्वार्थी’ पार्टी करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस गलत जानकारी फैलाकर देश के हितों को नुकसान पहुंचा रही है और नकारात्मक राजनीति कर रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस सीमांकन (Delimitation) को लेकर भ्रम फैला रही है और लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रही है कि इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति पर चल रही है, जो उसे ब्रिटिश शासन से विरासत में मिली है.
लोकसभा में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े Constitution (131st Amendment) Bill, 2026 के पास न हो पाने के एक दिन बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह सिर्फ एक बिल का मुद्दा नहीं, बल्कि सुधारों के खिलाफ खड़ी वंशवादी पार्टियों के साथ व्यापक राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि यह बिल किसी का श्रेय लेने के लिए नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार देने के लिए लाया गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जैसी पार्टियों की स्वार्थी राजनीति के कारण दशकों से महिलाओं को आरक्षण नहीं मिल सका.
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं उन सभी महिलाओं की तरह ही दुखी हूं जो इस बिल के पास न होने से निराश हैं. हमें 66 प्रतिशत समर्थन नहीं मिल सका, लेकिन 100 प्रतिशत नारी शक्ति हमारे साथ है.” उन्होंने भरोसा जताया कि महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए यह लड़ाई जारी रहेगी.
उन्होंने Indian National Congress, Dravida Munnetra Kazhagam, All India Trinamool Congress और Samajwadi Party पर निशाना साधते हुए कहा कि ये वंशवादी दल नहीं चाहते कि पंचायत और स्थानीय निकायों में अच्छा प्रदर्शन करने वाली महिलाएं संसद और विधानसभा तक पहुंचें.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पार्टियों को डर है कि अगर महिलाओं के लिए सीटें बढ़ेंगी तो आम महिलाओं का कद बढ़ेगा और वे उनके नेताओं से आगे निकल जाएंगी.
उन्होंने कांग्रेस पर ‘विकसित भारत’ के लिए जरूरी कई सुधारों का विरोध करने का आरोप भी लगाया. इनमें GST, CAA, UCC, अनुच्छेद 370 हटाना, जन धन योजना, आधार, डिजिटल पेमेंट, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’, SIR और अवैध घुसपैठ के खिलाफ कदम जैसे मुद्दे शामिल हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस को स्वार्थी राजनीति करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि महिलाओं के आरक्षण बिल पर उसके रुख से उसके सहयोगी दलों को भी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि DMK और तृणमूल कांग्रेस के पास अपने राज्यों से ज्यादा महिला सांसद भेजने का मौका था, लेकिन उन्होंने इसे गंवा दिया.
उन्होंने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी के पास भी महिलाओं के प्रति अपनी छवि सुधारने का मौका था, लेकिन वह भी ऐसा करने में विफल रही.
'परिसीमन पर डर फैला रही कांग्रेस!'
VIDEO | Addressing the nation, PM Narendra Modi (@narendramodi) says, "Delaying, diverting, and obstructing, this has been the principle and work culture of the Congress. Congress kept border disputes with neighbouring countries pending. It delayed issues related to water-sharing… pic.twitter.com/Ji46f39oXK
— Press Trust of India (@PTI_News) April 18, 2026
गौरतलब है कि महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका. बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 वोट विरोध में गए, जो कि जरूरी 352 वोट से कम थे.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस नतीजे ने विपक्षी दलों के उस पैटर्न को उजागर कर दिया है, जिसमें वे अलग-अलग कारणों से महिलाओं के आरक्षण का विरोध करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश की महिलाएं इसका जवाब देंगी.












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