Fact Check: सोशल मीडिया पर रोजाना कई पोस्ट वायरल होती है, जिसमें विभिन्न दावे किए जाते है, कई बार ये दावे सही होते है, लेकिन ज्यादातर बार ये फेक होते है. अब ऐसा ही एक दावा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.पिछले कुछ दिनों से 'उदयपुर फाइल्स:कन्हैयालाल टेलर मर्डर' को लेकर विवाद जारी है.अब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है की फिल्म के प्रोडूसर अमित जानी ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से एक बंद कमरे में मुलाकत की. इस दावे को पीआईबी फैक्ट चेक ने फेक करार दिया है.पीआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए साफ किया कि ऐसी कोई बैठक हुई ही नहीं है. मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘उदयपुर फाइल्स’ से जुड़े किसी भी निर्माता से मुलाकात नहीं की है.
यह महज अफवाह है जिसे कुछ रिपोर्ट्स में बिना सत्यापन के प्रसारित किया गया.ये भी पढ़े:Fact Check: पहले स्कूटी के साइलेंसर में डाला पौधा, फिर मदद का बहाना करके युवती के सामने से ले भागा गाड़ी, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो की जाने सच्चाई
पीआईबी ने बताया फेक
In a news report, it is being claimed that Udaipur Files producer Amit Jani met with Union Minister @AshwiniVaishnaw in a closed-door meeting #PIBFactCheck
❌This claim is #Fake
▶️Union Minister for Information and Broadcasting Ashwini Vaishnaw has not held any such meeting pic.twitter.com/ZrMf0wI5E3
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) August 5, 2025
क्या है 'उदयपुर फाइल्स' विवाद?
यह फिल्म राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की 2022 में हुई हत्या पर आधारित है. इस हत्या को सांप्रदायिक घृणा से प्रेरित अपराध माना गया था. फिल्म के रिलीज पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 11 जुलाई को रोक लगा दी थी. तब से यह फिल्म लगातार चर्चा में बनी हुई है.
पहले क्या दावे किए गए थे?
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि 4 अगस्त को फिल्म के निर्माता अमित जानी ने मंत्री से मुलाकात कर सिनेमैटोग्राफ एक्ट 1952 की धारा 6 के तहत फिल्म से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की. रिपोर्ट्स के अनुसार, जानी ने दावा किया था कि यह उनकी मंत्री से दूसरी मुलाकात थी और सरकार फिल्म को लेकर चिंतित है.
मंत्री से कोई मुलाकात नहीं हुई
पीआईबी की जांच के अनुसार, मंत्री और निर्माता के बीच कोई भी बैठक नहीं हुई है, और ना ही ऐसी कोई आधिकारिक सूचना है. इससे स्पष्ट है कि यह खबर पूरी तरह से निराधार है और फेक न्यूज़ की श्रेणी में आती है.













QuickLY