LPG Row: संसद में एलपीजी और ईंधन की कमी पर संग्राम, विपक्ष ने लगाया किल्लत और महंगाई का आरोप, सत्ता पक्ष ने कहा- 'घबराने की जरूरत नहीं'

दिल्ली में एलपीजी सिलिंडर की कमी और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर संसद में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. कांग्रेस और अन्य दलों ने सरकार पर कुप्रबंधन का आरोप लगाया, जबकि भाजपा और सहयोगी दलों ने देश में पर्याप्त भंडार होने का दावा किया है.

LPG सिलेंडर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में जारी बजट सत्र (Budget Session) के दौरान गुरुवार को रसोई गैस की कथित किल्लत और ईंधन की बढ़ती कीमतों (Shortages of LPG Cylinders and Rising Fuel Prices) का मुद्दा गरमा गया. विपक्षी सांसदों (Opposition MPs) ने संसद (Parliament) में सरकार (Government) को घेरते हुए आपूर्ति व्यवस्था चरमराने और कालाबाजारी बढ़ने का आरोप लगाया.  दूसरी ओर, सत्ताधारी गठबंधन के नेताओं ने इन दावों को खारिज करते हुए जनता को आश्वासन दिया कि देश के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार मौजूद है और घबराने (पैनिक) की कोई आवश्यकता नहीं है. यह भी पढ़ें: LPG Cylinder Price: दिल्ली में रसोई गैस की कीमतों में बड़ा उछाल, घरेलू सिलिंडर 913 रुपये का हुआ; कमर्शियल गैस के दाम 144 रुपये बढ़े

विपक्ष का हमला: 'सड़कों पर कतारें और ठप होते कारोबार'

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आईएएनएस (IANS) से बात करते हुए कहा कि सरकार को इस स्थिति पर संसद में स्पष्टीकरण देना चाहिए. उन्होंने बताया कि कई राज्यों में एलपीजी सिलिंडर के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं. थरूर ने कहा, 'कई रेस्टोरेंट कह रहे हैं कि उनके पास खाना पकाने के लिए गैस नहीं है. आम घरों में सिलिंडर खत्म होने पर रिफिल नहीं मिल पा रहा है और ऊपर से कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं.'

माकपा (CPI-M) सांसद जॉन ब्रिटास ने सरकार के उन दावों पर सवाल उठाया जिसमें 75 दिनों का स्टॉक होने की बात कही गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि आधे से ज्यादा छोटे भोजनालय बंद हो गए हैं और बाजार में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी शुरू हो गई है. कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन और प्रणीति शिंदे ने भी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और केरल जैसे राज्यों से ऐसी ही समस्याओं की रिपोर्ट आने की बात कही.

'2,000 रुपये में खरीदना पड़ा सिलिंडर'

शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने स्थिति की गंभीरता बताते हुए दावा किया कि उन्हें खुद अपने घर के लिए ₹1,200 का सिलिंडर ₹2,000 में खरीदना पड़ा. वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने गोरखपुर जैसे शहरों का हवाला देते हुए कहा कि लोग गैस के लिए घंटों लाइनों में खड़े हैं, जिससे आम नागरिक पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है.  यह भी पढ़ें: LPG Price Today: गैस सिलेंडर की कीमतों में उछाल, 11 मार्च को नई दरें लागू, जानें दिल्ली-मुंबई समेत अपने शहर में एलपीजी के दाम

सत्ता पक्ष का बचाव: 'देश के पास पर्याप्त भंडार'

विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि देश में अलार्म जैसी कोई स्थिति नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया, 'हमारे पास दो महीने से अधिक का पेट्रोल और डीजल रिजर्व है. घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और घरों तक सिलिंडर बिना किसी रुकावट के पहुँचते रहेंगे.'

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता संजय कुमार झा ने भी सरकार का बचाव करते हुए कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है. उन्होंने याद दिलाया कि सरकार ने कोविड जैसी बड़ी आपदाओं को सफलतापूर्वक संभाला है और वर्तमान स्थिति भी पूरी तरह नियंत्रण में है.

पृष्ठभूमि और वर्तमान संकट

यह राजनीतिक विवाद ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है. सरकार ने हाल ही में 'पैनिक बुकिंग' रोकने के लिए दो रिफिल के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर रखने का नियम बनाया है. हालांकि, विपक्ष का तर्क है कि इस नियम और बढ़ती कीमतों ने छोटे व्यापारियों, विशेषकर ₹50 से ₹150 में भोजन खिलाने वाले ढाबा मालिकों को व्यवसाय बंद करने पर मजबूर कर दिया है.

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