Operation Shield: पाक सीमा से सटे राज्यों में 31 मई को ऑपरेशन शील्ड, जानें गुरुवार को होने वाली मॉक ड्रिल क्यों टली?
Mock Drill, Representational Image | PTI

नई दिल्ली: ऑपरेशन शील्ड के तहत अब शनिवार 31 मई को पाकिस्तान की सीमा से सटे राज्यों जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मॉक ड्रिल कराई जाएगी. पहले यह नागरिक सुरक्षा अभ्यास 29 मई को होना था लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बदलाव का कारण "प्रशासनिक कारण" बताया गया है, हालांकि विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है.

'ऑपरेशन शील्ड' एक व्यापक सिविल डिफेंस अभ्यास (Mock Drill) है जिसे आपातकालीन स्थितियों जैसे युद्ध, मिसाइल हमले या हवाई हमले जैसी घटनाओं के लिए प्रशासन और जनता की तैयारियों की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है.

हरियाणा की गृह सचिव सुमिता मिश्रा ने बुधवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए मॉक ड्रिल स्थगित होने की जानकारी दी. हरियाणा में यह अभ्यास 22 जिलों में 5 बजे से 9 बजे तक किया जाना था. इसी तरह राजस्थान, जो अपने 41 जिलों में मॉक ड्रिल करने जा रहा था, ने भी इसे स्थगित कर दिया. चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गुरुवार को "कोई ब्लैकआउट या मॉक ड्रिल नहीं" होगी.

पंजाब में अब 3 जून को होगा ऑपरेशन शील्ड

पंजाब सरकार ने मॉक ड्रिल को 3 जून तक स्थगित करने का अनुरोध किया क्योंकि राज्य के सिविल डिफेंस स्टाफ फिलहाल NDRF (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) के साथ प्रशिक्षण में व्यस्त हैं. केंद्र सरकार ने पंजाब के इस अनुरोध को मंजूरी दे दी है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलर्ट पर सरकार

यह मॉक ड्रिल ऐसे समय में की जा रही है जब हाल ही में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था. इस सैन्य कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था. यह हमला 22 अप्रैल को हुआ था जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे.

ड्रिल का मकसद: तैयारियों की जांच और सुधार

7 मई को देशभर में हुए पहले मॉक ड्रिल में जो कमियां और लापरवाहियां उजागर हुई थीं, उन्हें दूर करने के लिए अब यह दूसरी ड्रिल की जा रही है. इसका मुख्य उद्देश्य है- आम जनता को अलर्ट रहने की ट्रेनिंग देना. आपात स्थिति में सरकारी विभागों के बीच समन्वय और ब्लैकआउट, बचाव, राहत और जवाबी कार्रवाई की रणनीति की समीक्षा.