Mysuru Gangrape Case: मैसूर सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़िता के दोस्त ने दर्ज कराया बयान
मैसूर सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच कर रही विशेष टीम ने पीड़िता के पुरुष मित्र का बयान दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पीड़िता के दोस्त ने 24 अगस्त की घटना को बयां किया है.
मैसूर (कर्नाटक) 27 अगस्त : मैसूर सामूहिक दुष्कर्म मामले (Mysuru Gangrape Case) की जांच कर रही विशेष टीम ने पीड़िता के पुरुष मित्र का बयान दर्ज किया है. पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पीड़िता के दोस्त ने 24 अगस्त की घटना को बयां किया है. युवक ने कहा कि वे जहां गए थे, वह उस रास्ते पर रोज जॉगिंग करता था. उसने पुलिस को बताया है कि सभी आरोपियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है. उसने पुलिस को बताया, "क्लास के बाद, लगभग 7.30 बजे, हम बाइक पर गए. मैं जेएसएस आयुर्वेदिक कॉलेज रोड के सामने से गया और पानी की टंकी से गुजरते हुए घटनास्थल पर पहुंचा. हम उस रास्ते पर टहल रहे थे जब अचानक छह लोगों ने हमें घेर लिया."
उसने बताया कि वे उन्हें लाठियों से पीटने लगे. उनमें से एक दुबले-पतले व्यक्ति ने एक छोटे से शिलाखंड से उसके माथे पर प्रहार किया. उस पर तब तक हमला किया गया जब तक वह बेहोश नहीं हो गया. उन्होंने पुलिस को बताया, "जब मैं उठा, तो मैंने अपने आसपास चार लोगों को देखा. मैंने पूछा कि मेरी प्रेमिका कहां है. उनमें से दो ने उसे झाड़ी से खींचकर मेरे बगल में लिटा दिया. वह बेहोश लग रही थी और चारों तरफ चोटें पाई गई थीं." दुष्कर्मियों ने आगे उसका मोबाइल भी छीन लिया और उसे उसके पिता को फोन करके तुरंत 3 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए कहा. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि लड़की और उसके पुरुष मित्र को रिहा करने से पहले दुष्कर्मियों को पैसे मिले या नहीं. यह भी पढ़ें : Mysuru Gangrape Case: घर लौट रही कॉलेज छात्रा को लूट के इरादे रोका, नहीं मिले पैसे तो 6 लोगों ने किया गैंगरेप!
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दुष्कर्मियों ने पीड़िता के कपड़े उतार दिए थे और घटना का वीडियो बना लिया था. उन्होंने दोनों को धमकी दी थी कि अगर उन्होंने इस बारे में बात की तो उनका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा. घटना का पता तब चला जब बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस बीच, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (डीजी और आईजीपी) प्रवीण सूद को मैसूरु का दौरा करने और जांच में तेजी लाने के लिए अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया है. मैसूर में मौजूद गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने चामुंडी पहाड़ी का दौरा किया. पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने देवी चामुंडेश्वरी से अपराधों पर ध्यान देने की प्रार्थना की थी. उन्होंने आगे कहा कि पुलिस के लिए मामले को सुलझाना मुश्किल हो गया है क्योंकि उन्हें पीड़ितों से उचित जानकारी नहीं मिल रही है. लड़का पुलिस से बात कर रहा है. आरोपी व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 27, 2021 03:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

