Mumbai Cyber Fraud: 734 ट्रांजैक्शन, 21 महीने, 4 महिलाएं...ऑनलाइन प्यार के जाल में फंसकर बुजुर्ग ने गंवाए 9 करोड़ रुपये

मुंबई के एक 80 वर्षीय व्यक्ति ने ऑनलाइन प्यार और हमदर्दी के जाल में फंसकर 9 करोड़ रुपये गंवा दिए. यह धोखाधड़ी 21 महीनों तक चली, जिसमें चार महिलाओं के नाम पर 734 बार पैसे लिए गए. परिवार के हस्तक्षेप के बाद इस साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ और अब पुलिस मामले की जांच कर रही है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Image Generated by AI)

मुंबई में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 80 साल के बुज़ुर्ग से 4 महिलाओं ने (या शायद एक ही महिला ने) प्यार और हमदर्दी का नाटक करके लगभग 9 करोड़ रुपये ठग लिए. यह धोखाधड़ी करीब दो साल तक चली और इसमें कुल 734 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन किए गए.

कैसे हुई शुरुआत?

ये सब शुरू हुआ अप्रैल 2023 में. बुज़ुर्ग ने फेसबुक पर 'शार्वी' नाम की एक महिला को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी. रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं हुई. कुछ दिनों बाद, शार्वी के अकाउंट से उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट आई, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया.

जल्द ही दोनों में चैटिंग शुरू हो गई और फोन नंबर भी एक्सचेंज हुए. बात फेसबुक से व्हाट्सएप पर आ गई. शार्वी ने बुज़ुर्ग को बताया कि वह अपने पति से अलग रहती है और बच्चों के साथ है. धीरे-धीरे उसने बच्चों की बीमारी का बहाना बनाकर पैसे मांगना शुरू कर दिया.

कैसे फैलता गया जाल?

कुछ ही दिनों बाद, 'कविता' नाम की एक और महिला ने उन्हें व्हाट्सएप पर मैसेज करना शुरू कर दिया. उसने खुद को शार्वी का जानने वाला बताया और दोस्ती करने की इच्छा जताई. जल्द ही वह भी अश्लील मैसेज भेजकर पैसे मांगने लगी.

उसी साल दिसंबर में, 'दीनाज़' नाम की एक महिला का मैसेज आया, जिसने खुद को शार्वी की बहन बताया. दीनाज़ ने बुज़ुर्ग को बताया कि शार्वी की मौत हो गई है और अस्पताल का बिल चुकाने के लिए पैसे मांगे. उसने शार्वी और बुज़ुर्ग के बीच हुई व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भेजकर उन्हें ब्लैकमेल भी किया.

जब बुज़ुर्ग ने अपने पैसे वापस मांगे, तो दीनाज़ ने आत्महत्या करने की धमकी दे डाली.

कहानी यहीं खत्म नहीं हुई. इसके बाद 'जैस्मीन' नाम की एक महिला ने उनसे संपर्क किया. उसने खुद को दीनाज़ की दोस्त बताकर मदद की गुहार लगाई और बुज़ुर्ग ने उसे भी पैसे भेज दिए.

पैसे खत्म, कर्ज़ की नौबत

अप्रैल 2023 से जनवरी 2025 तक, उस बुज़ुर्ग ने 734 ट्रांजैक्शन में कुल 8.7 करोड़ रुपये उन महिलाओं को दे दिए.

जब उनकी सारी जमा-पूंजी खत्म हो गई, तो उन्होंने अपनी बहू से 2 लाख रुपये उधार लिए. लेकिन पैसों की मांग बंद नहीं हुई. इसके बाद उन्होंने अपने बेटे से 5 लाख रुपये मांगे.

कैसे हुआ खुलासा?

बेटे को अब शक हुआ. उसने अपने पिता से पूछा कि उन्हें इतने पैसों की ज़रूरत क्यों है. तब जाकर बुज़ुर्ग ने पूरी कहानी बताई.

सदमे में बुज़ुर्ग, पुलिस जांच जारी

यह जानकर कि वह एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए हैं, बुज़ुर्ग को गहरा सदमा लगा और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. वहां पता चला कि उन्हें डिमेंशिया हो गया है.

22 जुलाई को आखिरकार साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई गई. पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है. उन्हें शक है कि ये चार महिलाएं असल में एक ही व्यक्ति हो सकती हैं जिसने अलग-अलग नाम से बुज़ुर्ग को ठगा.

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