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साइबर फ्रॉड का भयानक चेहरा! फर्जी विदेशी कॉल ने आशा वर्कर की जिंदगी को बना दिया नर्क, सोने और कैश के लालच में लगा लाखों का चूना

मध्य प्रदेश की एक आशा वर्कर को सोने और 10 लाख रुपये के इनाम का लालच देकर ऑनलाइन ठगों ने फंसा लिया. इनाम की प्रोसेसिंग फीस के नाम पर महिला ने 4 लाख रुपये गंवा दिए और घर से भागकर स्टेशनों पर रहने को मजबूर हुई. बचाए जाने के बाद भी वह मनोवैज्ञानिक रूप से इस कदर फंसी है कि उसे अब भी इनाम मिलने का यकीन है.

साइबर फ्रॉड का भयानक चेहरा! फर्जी विदेशी कॉल ने आशा वर्कर की जिंदगी को बना दिया नर्क, सोने और कैश के लालच में लगा लाखों का चूना

साइबर क्राइम यानी ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले हर दिन बढ़ते जा रहे हैं. इसी का एक दुखद उदाहरण मध्य प्रदेश की एक महिला के साथ हुई घटना है. धोखेबाजों ने उन्हें ऐसा फंसाया कि वह आज भी यकीन करती हैं कि उन्हें अपना इनाम ज़रूर मिलेगा.

एक सीधी-सादी ज़िंदगी और एक लालच भरा कॉल

पुष्पलता झारिया, जबलपुर के पास बरगी इलाके की रहने वाली एक 36 साल की आशा वर्कर हैं. उनकी ज़िंदगी बहुत सीधी-सादी थी - गांव वालों की सेहत का ध्यान रखना, अपने दो बच्चों की परवरिश करना और छोटे-मोटे काम करने वाले अपने पति का साथ देना. लेकिन इसी साल मार्च में आए एक फोन कॉल ने उनकी ज़िंदगी में भूचाल ला दिया और उन्हें महीनों तक चलने वाले एक बुरे सपने में धकेल दिया.

मार्च में, पुष्पलता को एक विदेशी नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने उन्हें बताया कि उन्होंने हीरे, सोने और 10 लाख रुपये कैश का एक बड़ा इनाम जीता है. लेकिन इस इनाम को पाने के लिए उन्हें एक छोटी सी "प्रोसेसिंग" फीस चुकानी होगी. इनाम के उत्साह में पुष्पलता ने धोखेबाजों की बात मान ली.

धोखे के जाल में फंसती गईं पुष्पलता

वह छोटी सी फीस धीरे-धीरे बढ़ती गई और कुल मिलाकर 4 लाख रुपये तक पहुंच गई. यह इतनी बड़ी रकम थी जो उनके पास नहीं थी. उन्होंने रिश्तेदारों और दूसरों से पैसे उधार लिए और धोखेबाजों के बताए खातों में भेज दिए.

पुष्पलता को अपने जाल में फंसाए रखने के लिए धोखेबाजों ने उन्हें धमकी दी कि अगर उन्होंने इस बारे में किसी को बताया तो वह अपना इनाम खो देंगी. पुष्पलता ने उन पर यकीन किया और चुप रहीं.

यह घोटाला हफ्तों तक चलता रहा. बाद में, धोखेबाजों ने उन्हें डराने के लिए एक नई कहानी गढ़ी. उन्होंने कहा कि उनका इनाम लेकर आ रहा कूरियर वाला गिरफ्तार हो गया है और उसके पास से पुष्पलता का आधार कार्ड मिला है. उन्होंने धमकी दी कि अगर गिरफ्तारी से बचना है तो और पैसे देने होंगे. डर और उम्मीद के बीच फंसी पुष्पलता पैसे भेजती रहीं.

घर से गायब होकर स्टेशनों पर बिताई ज़िंदगी

कहानी में एक नाटकीय मोड़ तब आया जब अप्रैल में पुष्पलता अपने मायके से अचानक गायब हो गईं. परिवार वालों ने 4 मई को उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई.

बाद में पता चला कि इस "लापता" समय के दौरान, पुष्पलता एक दर्दनाक सफर पर थीं. वह जबलपुर से मुंबई, फिर सूरत और आखिर में दिल्ली पहुंचीं. वह रेलवे स्टेशनों पर दिन गुजारतीं, लंगर में खाना खाकर पेट भरतीं और छोटे-मोटे काम करके जो भी पैसा कमातीं, उसे धोखेबाजों को भेज देतीं.

अपहरण का नाटक और फिर बचाव

इस धोखे का पर्दाफाश जून में हुआ, जब धोखेबाजों ने पुष्पलता से एक वीडियो रिकॉर्ड करवाया. वीडियो में वह रो रही थीं और मदद की गुहार लगा रही थीं, जैसे कि उनका अपहरण हो गया हो. यह वीडियो उनके पति को भेजा गया और उनसे 2 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई. धमकी दी गई कि अगर पैसा नहीं मिला तो पुष्पलता को मार दिया जाएगा.

डरे हुए परिवार ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की. किस्मत से, ग्रेटर नोएडा से आए एक फोन कॉल ने पुलिस को पुष्पलता तक पहुंचा दिया. उन्हें एक सुनसान दोपहर में बेहद कमजोर और भावनात्मक रूप से टूटी हुई हालत में बचाया गया.

सच्चाई से दूर, अब भी इनाम का इंतज़ार

हैरानी की बात यह है कि परिवार से मिलने के बाद भी पुष्पलता धोखेबाजों के जादू से बाहर नहीं निकल पाई हैं. पुलिस अधिकारी अंजुल मिश्रा ने बताया, "उन्हें अब भी लगता है कि यह सब एक बड़ी योजना का हिस्सा था और अंत में उन्हें इनाम मिलेगा. हम उनकी काउंसलिंग कर रहे हैं."

इस मामले में साइबर अपराधियों का पता लगाना मुश्किल हो रहा है क्योंकि उनके आईपी एड्रेस विदेशी हैं. फिलहाल, पुष्पलता एक झूठ के पीछे अपना सब कुछ गंवा चुकी हैं और अब सच्चाई का सामना करने के लिए संघर्ष कर रही हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 20, 2025 02:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).