मुंबई मेट्रो हादसा: परिजनों ने शव लेने से किया इनकार, सरकार से ₹2 करोड़ मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग की
(Photo Credits FPJ)

मुंबई: मुंबई मेट्रो लाइन 4 (वडाला-कासारवडवली) के निर्माण स्थल पर शनिवार को हुए एक बड़े हादसे के बाद मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया है. मुलुंड में मेट्रो के पैरापेट (मुंडेर) का एक हिस्सा गिरने से एक मजदूर, रामधानी यादव की मौत हो गई थी, जबकि कुछ अन्य घायल हुए थे. इस घटना के बाद सुरक्षा ऑडिट और जांच के आदेश दिए गए हैं.

परिजनों ने शव लेने से किया इनकार

हादसे में जान गंवाने वाले रामधानी यादव के परिजनों ने मुआवजे की राशि को अपर्याप्त बताते हुए शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है. मृतक के भाई राजेंद्र सिंह यादव के अनुसार, रामधानी अपने परिवार में इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था. उसके पीछे उसकी पत्नी और दो बेटियां हैं, जिनका भविष्य अब अधर में है. परिजनों की मांग है कि उन्हें ₹2 करोड़ का मुआवजा और एक बेटी को सरकारी नौकरी दी जाए.  यह भी पढ़े:  Mumbai Metro Line 4 Work Halted: मुलुंड हादसे के बाद MMRDA का बड़ा फैसला, सुरक्षा जांच पूरी होने तक मुंबई मेट्रो-4 का निर्माण कार्य रोका गया

मुआवजे की वर्तमान स्थिति

अधिकारियों ने अब तक जो राहत राशि घोषित की है, उसके अनुसार परिवार को कुल मिलाकर लगभग ₹35 लाख से ₹40 लाख के बीच सहायता मिल सकती है. इसमें शामिल है:

  • महाराष्ट्र सरकार की ओर से ₹5 लाख की अनुग्रह राशि.

  • MMRDA की ओर से ₹15 लाख की सहायता.

  • बीमा पॉलिसी के तहत लगभग ₹15 लाख से ₹20 लाख का भुगतान (प्रक्रिया के अधीन).

हालांकि, परिजनों का कहना है कि यह राशि परिवार के गुजर-बसर के लिए काफी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे शव को कब्जे में नहीं लेंगे.

सुरक्षा जांच और निर्माण पर रोक

हादसे की गंभीरता को देखते हुए MMRDA ने संबंधित साइट पर काम रोकने का फैसला किया है. प्राधिकरण अब पूरी लाइन पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा कर रहा है. मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च MMRDA उठाएगा. इसमें अस्पताल का बिल, दवाएं और पुनर्वास की लागत शामिल है.

 वर्तमान स्थिति

मुंबई मेट्रो लाइन 4 एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है जो शहर के विभिन्न हिस्सों को जोड़ता है. लेकिन इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस और प्रशासन फिलहाल परिजनों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि गतिरोध समाप्त हो सके.