मुंबई: मुंबई (Mumbai) की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों (Local Trains) से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अगले तीन महीने चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं. गोरेगांव (Goregaon) और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच चलने वाली हार्बर लाइन सेवाओं (Harbour Line Services) को तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है. यह फैसला बांद्रा (Bandra) और खार स्टेशनों (Khar) के बीच स्थित 100 साल पुराने और जर्जर हो चुके रोड ओवरब्रिज (ROB) को तोड़ने और उसके पुनर्निर्माण के लिए लिया गया है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से यह ब्लॉक अनिवार्य है. यह भी पढ़ें: Mumbai Metro Line 9: मीरा-भायंदर के लिए बड़ी राहत, देखें स्टेशनों की लिस्ट और रूट से जुड़ी पूरी जानकारी
सेवाएं बंद होने का मुख्य कारण
बांद्रा-खार ब्रिज को स्ट्रक्चरल इंजीनियरों द्वारा 'खतरनाक' घोषित किया गया था. इस पुराने ढांचे को हटाने के लिए भारी-भरकम गर्डर और कंक्रीट स्लैब को निकालना होगा. चूंकि यह ब्रिज हार्बर लाइन की पटरियों के ठीक ऊपर से गुजरता है, इसलिए काम के दौरान ट्रेनों का परिचालन यात्रियों और श्रमिकों दोनों के लिए जोखिम भरा हो सकता था. 90 दिनों के इस समय का उपयोग पुराने ढांचे को सुरक्षित रूप से हटाने और नए पुल की नींव रखने के लिए किया जाएगा.
यात्रियों पर प्रभाव और वैकल्पिक व्यवस्था
इस निलंबन से विशेष रूप से पश्चिमी उपनगरों (Western Suburbs) से दक्षिण मुंबई जाने वाले हजारों नौकरीपेशा लोग प्रभावित होंगे. यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए रेलवे ने कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- टिकट और पास की वैधता: गोरेगांव और बांद्रा के बीच के हार्बर लाइन पास धारकों को ब्लॉक अवधि के दौरान वेस्टर्न मेन लाइन (चर्चगेट की ओर जाने वाली ट्रेनों) से यात्रा करने की अनुमति दी गई है.
- बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी: बांद्रा और अंधेरी से CSMT के बीच चलने वाली हार्बर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों के बढ़े हुए दबाव को संभाला जा सके.
- अतिरिक्त बस सेवाएं: 'बेस्ट' (BEST) से अनुरोध किया गया है कि वे गोरेगांव-बांद्रा रूट पर अतिरिक्त बसें चलाएं. यह भी पढ़ें: Mumbai Local Ticket: पश्चिमी रेलवे का बड़ा फैसला, डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और टिकट खिड़कियों पर भीड़ कम करने के लिए लगाएगी 325 नए ATVM
प्रोजेक्ट का समय और भविष्य के लाभ
रेलवे का लक्ष्य है कि पुल को ढहाने और नए पुल के निर्माण का पहला चरण मई 2026 तक पूरा कर लिया जाए. नया पुल पहले की तुलना में अधिक चौड़ा होगा और इसकी भार वहन क्षमता भी अधिक होगी, जिससे पश्चिमी उपनगरों में सड़क यातायात की भीड़ कम करने में मदद मिलेगी.
वेस्टर्न रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, ‘हम समझते हैं कि इससे यात्रियों को कठिनाई होगी, लेकिन रेल और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है.’ रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और दैनिक अपडेट के लिए एम-इंडिकेटर (M-Indicator) या रेलवे के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर नजर रखें.












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