Mumbai Hostage Case: मुंबई क्राइम ब्रांच ने रोहित आर्या के एनकाउंटर के मामले में अब तक 7 लोगों का बयान दर्ज किया
मुंबई क्राइम ब्रांच ने रोहित आर्या का एनकाउंटर करने वाले अधिकारी एपीआई अमोल वाघमारे का बयान दर्ज किया. मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक पवई पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जीतेन्द्र सोनवणे, स्टूडियो मालिक मनीष अग्रवाल, एपीआई अमोल वाघमारे और कुछ बच्चों के माता-पिता के बयान दर्ज किए हैं. आर्या की पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक होने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा.
मुंबई, 3 नवंबर : मुंबई क्राइम ब्रांच (Mumbai Crime Branch) ने रोहित आर्या का एनकाउंटर करने वाले अधिकारी एपीआई अमोल वाघमारे का बयान दर्ज किया. मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक पवई पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जीतेन्द्र सोनवणे, स्टूडियो मालिक मनीष अग्रवाल, एपीआई अमोल वाघमारे और कुछ बच्चों के माता-पिता के बयान दर्ज किए हैं. आर्या की पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक होने के बाद बयान दर्ज किया जाएगा. क्राइम ब्रांच के अनुसार घटना वाले दिन नांदेड़ के 5, कोल्हापुर का 1, साकीनाका और बोरीवली के 2-2, और नवी मुंबई (Mumbai) के 3 बच्चे शूटिंग में शामिल थे. मानवाधिकार आयोग ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है, और पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उन्हें रिपोर्ट भेज दी है. जांच का एक अहम हिस्सा आर्या के मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच है.
पुलिस ने उसका मोबाइल जब्त कर लिया है और इस बात की जांच कर रही है कि क्या उसने गूगल पर 'बंधक' या बंधकों से जुड़ी कोई खोज की थी. उसके कई बैंक खातों के लेन-देन की जांच की जा रही है. पुलिस आर्या की मेडिकल और मानसिक स्थिति की भी जांच कर रही है. हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी ने भी उसके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कुछ नहीं कहा है और न ही किसी ने यह दावा किया है कि वह मानसिक रूप से अस्थिर थी. मुंबई में 30 अक्टूबर को रिकॉर्डिंग स्टूडियो में 17 लोगों को बंधक बनाए जाने की सनसनीखेज वारदात के दौरान पुलिस मुठभेड़ में मारे गए संदिग्ध रोहित आर्या की मौत की स्वतंत्र मजिस्ट्रियल जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस के अनुसार, मजिस्ट्रेट अब इस मामले में गवाहों को समन जारी करेंगे, उनके बयान दर्ज करेंगे और पूरी घटना पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे. यह भी पढ़ें : MP Road Accident: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में 20 फीट गहरी खाई में बस गिरने से दो महिलाओं की मौत, कई घायल
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण चौधरी ने सोमवार को पुष्टि की कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और कानूनी प्रक्रिया के तहत रोहित आर्या की मौत की मजिस्ट्रियल जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है. उन्होंने बताया कि यह जांच पूरी तरह स्वतंत्र होगी और किसी भी पुलिस अधिकारी के प्रभाव से मुक्त रहेगी. अब मजिस्ट्रियल जांच यह पता लगाएगी कि मुठभेड़ की परिस्थितियां क्या थीं और क्या पुलिस की कार्रवाई न्यायसंगत थी. जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 04, 2025 08:55 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

