युवाओं के लिए खुशखबरी! MP सरकार लेगी 25 लाख रुपए तक के बिजनेस लोन की गांरटी, ब्याज पर भी मिलेगी भारी छूट
युवाओं को उद्यमिता से जोड़कर विकास के पथ पर मध्य प्रदेश को तेजी से बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ चलाएगी, जो युवाओं को उद्यमी बनाकर न केवल उन्हें इंडीपेंडेंट बनाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी.
भोपाल: युवाओं को उद्यमिता (Entrepreneurship) से जोड़कर विकास के पथ पर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) को तेजी से बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. इसके तहत राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ (Mukhyamantri Udyam Kranti Yojana) चलाएगी, जो युवाओं को उद्यमी बनाकर न केवल उन्हें इंडीपेंडेंट बनाएगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करेगी.
मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विश्वास सारंग ने मंगलवार को बताया कि आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में कैबिनेट बैठक में ‘मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना’ को प्रारंभ करने की सहमति मिली है. यह योजना मध्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी. भारतीय उद्यमी की कृषि अपशिष्ट पुनर्चक्रण परियोजना ने प्रिंस विलियम का अर्थशॉट पुरस्कार जीता
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के बारे में बताते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री सारंग ने कहा “इस योजना में बारहवीं पास 18 से 40 वर्ष के युवा पात्र होंगे और वो युवा जो निर्माण यूनिट लगाएंगे उन्हें 1 लाख से 50 लाख रुपए तक का लोन उपलब्ध कराया जाएगा. जिसकी गांरटी मध्य प्रदेश सरकार लेगी और इसमें 3 फीसदी ब्याज की सब्सिडी भी दी जाएगी.”
वहीं, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत जो युवा सेवा की गतिविधियों में अपना रोजगार शुरू करना चाहते हैं उन्हें मध्य प्रदेश सरकार 1 लाख रुपये से 25 लाख रुपए तक का लोन उपलब्ध कराने की गांरटी लेगी और साथ ही 3 फीसदी ब्याज की सब्सिडी भी देगी.
उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में हुए आर्थिक नुकसान से उबरकर रोजगार के अधिक से अधिक अवसर सृजित करने के लिए एमपी सरकार बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटी इकाइयों की स्थापना पर खास ध्यान दे रही है. इसके लिए मध्य प्रदेश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) प्रोत्साहन नीति भी बनाई गई है.
उधर, ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा 45 हजार 135 ग्रामों में तीन लाख 36 हजार 521 स्व-सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है. इन समूहों से अब तक 38 लाख 31 हजार परिवार जुड़ गए है.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 16, 2021 05:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

