Mithi River Desilting Scam: मीठी नदी सफाई घोटाला मामले में अब तक का बड़ा खुलासा, विदेश यात्रा के लिए बीएमसी अधिकारी को मिले ₹65 करोड़
मुंबई की बहुचर्चित मीठी नदी सफाई घोटाले में एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। जब से मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, तब से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं.
Mithi River Desilting Scam: मुंबई की बहुचर्चित मीठी नदी सफाई घोटाले में एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। जब से मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, तब से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं.
65 करोड़ की रिश्वत में विदेशी यात्राएं शामिल
ताजा खुलासे में यह सामने आया है कि बीएमसी अधिकारियों को ठेकेदारों द्वारा विदेश यात्रा के लिए फ्लाइट टिकट और होटल बुकिंग के रूप में रिश्वत दी गई, जिसकी कुल राशि लगभग 65 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. यह रिश्वत सिर्फ नकद में नहीं, बल्कि सुविधाओं और महंगी विदेश यात्राओं के रूप में दी गई. यह भी पढ़े: BREAKING: मीठी नदी घोटाला मामले में मुंबई पुलिस का एक्शन, पहली FIR दर्ज करने के बाद EOW ने BMC अधिकारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर शुरू की छापेमारी
दो आरोपी गिरफ्तार
मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में दो आरोपियों. केतन कदम और जयेश जोशी को गिरफ्तार किया है. दोनों को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सूत्रों के अनुसार, केतन कदम ने बीएमसी के सहायक अभियंता प्रशांत रामगुडे के लिए सिंगापुर और दुबई की विदेश यात्राओं की व्यवस्था की थी.
रिश्वत के पैसे से रामगुडे ने परिवार के साथ सिंगापुर में तीन दिन बिताए
जांच में सामने आया है कि रामगुडे ने अपने परिवार के साथ सिंगापुर में तीन दिन बिताए और उनका ठहराव होटल इंटरकॉन्टिनेंटल में हुआ, जिसकी बुकिंग कदम ने की थी। दुबई यात्रा के दौरान भी होटल की व्यवस्था कदम द्वारा की गई थी.
रिश्वत महिला कर्मी के माध्यम से ली गई
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशांत रामगुडे के एक महिला ब्यूटी पार्लर कर्मी के साथ करीबी संबंध थे, और उसी के माध्यम से रिश्वत ली जा रही थी. हालांकि आरोपियों के वकीलों ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है।
मामले में 13 लोगों पर केस दर्ज
आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई FIR में बीएमसी के सहायक अभियंता प्रशांत रामगुडे, उपमुख्य अभियंता गणेश बेंद्रे, एक अन्य उपमुख्य अभियंता तायशेट्टे, और पांच ठेकेदार कंपनियों — Acute Designs, कैलास कंस्ट्रक्शन, एनए कंस्ट्रक्शन, निखिल कंस्ट्रक्शन और जेआरएस इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशकों को आरोपी बनाया गया है.
बीएमसी को ₹65 करोड़ का पहुंचाया नुकसान
इन सभी ने बीएमसी को कुल ₹65,54,13,311 का नुकसान पहुंचाया है. EOW ने कुल 13 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी आदि धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 14, 2025 03:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

