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मेघालय: कोरोना वायरस संक्रमण से 69 वर्षीय डॉक्टर की मौत, स्थानीय लोगों ने श्मशान में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से किया इनकार

मेघालय के शिलॉन्ग में कोरोना वायरस संक्रमण से 69 वर्षीय डॉक्टर जॉन एल सेलो रेनथियांग की मौत के एक दिन बाद भी उनके अंतिम संस्कार के लिए श्मशान प्रक्रिया को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों ने श्मशान में डॉक्टर के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया है. मेघालय में कोविड-19 से होने वाली यह पहली मौत है.

मेघालय: कोरोना वायरस संक्रमण से 69 वर्षीय डॉक्टर की मौत, स्थानीय लोगों ने श्मशान में अंतिम संस्कार की अनुमति देने से किया इनकार
प्रतीकात्मत तस्वीर (Photo Credit: PTI)

शिलॉन्ग: कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) की चपेट में आकर न सिर्फ आम लोगों की मौत हो रही है, बल्कि मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों में भी संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. इस बीच मेघालय (Meghalaya) के शिलॉन्ग (Shillong) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां कोरोना वायरस संक्रमण की चपेट में आने के कारण 69 वर्षीय डॉक्टर जॉन एल सेलो रेनथियांग (John L Sailo Ryntathiang) की मौत हो गई. हालांकि डॉक्टर की मौत के एक दिन बाद भी मेघालय सरकार को उनके अंतिम संस्कार (Last Rites) के लिए श्मशान (Crematorium) प्रक्रिया को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दरअसल, स्थानीय लोगों ने डॉक्टर के पार्थिव शरीर के अंतिम संस्कार की अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि श्रमिक कुशल नहीं हैं और न ही उनके पास किसी प्रकार का सुरक्षा गियर है.

एनडीटीवी (NDTV) की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिलॉन्ग के बेथानी अस्पताल के निदेशक रेनथियांग का बीते सोमवार को कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था और बुधवार को संक्रमण के चलते उनकी मौत हो गई. उनके साथ उनके परिवार के 6 अन्य सदस्यों की जांच रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी. बताया जा रहा है कि स्थानीय प्रशासन द्वारा बुधवार को अंतिम संस्कार की औपचारिकता शुरू करने के बाद विरोध शुरू हो गया. हालांकि मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा (CM Conrad Sangma) ने आगे बढ़कर इस संकट को हल करने की कोशिश की है. यह भी पढ़ें: मेघालय में पाया गया पहला कोरोना पॉजिटिव का मरीज, सीएम कोनराड संगमा ने लोगों से कहा घबराने की जरूत नहीं

जानकारी के अनुसार, डॉ. रेनथियांग का कोई यात्रा इतिहास नहीं था, इसलिए यह अटकलें तेज हो गई थीं कि डॉक्टर किसी मूक वाहक से संक्रमित हुए होंगे. बता दें कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण से हुई यह पहली मौत है. फिलहाल सरकार ने संक्रमित व्यक्ति की खोज शुरू कर दी है और राजधानी में दो दिन के कर्फ्यू का ऐलान किया है.

सरकार का दावा है कि डॉ. रेनथियांग 2,000 से ज्यादा लोगों के संपर्क में थे. अब तक नॉर्थ ईस्ट में कोविड-19 के 45 पॉजिटिव मामले सामने आए हैं और दो लोगों की मौत हुई है. एक मौत शिलॉन्ग में हुई है, जबकि दूसरी मौत असम में रिपोर्ट की गई है. पूर्वोत्तर के राज्यों में सिक्किम ही एकमात्र ऐसा राज्य है जो अब तक कोरोना वायरस संक्रमण मुक्त है.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2020 10:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).