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Mass Dog Killing in Telangana: तेलंगाना में 300 आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या से हड़कंप; दो सरपंचों समेत 9 के खिलाफ मामला दर्ज

तेलंगाना के हनमकोंडा जिले में लगभग 300 लावारिस कुत्तों को जहर का इंजेक्शन देकर मारने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस ने दो सरपंचों और ग्राम सचिवों सहित 9 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

Mass Dog Killing in Telangana: तेलंगाना में 300 आवारा कुत्तों की सामूहिक हत्या से हड़कंप; दो सरपंचों समेत 9 के खिलाफ मामला दर्ज
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: X/@jatinjkothari)

हनमकोंडा (तेलंगाना): तेलंगाना (Telangana) के हनमकोंडा (Hanamkonda) जिले से पशु क्रूरता (Animal Cruelty) की एक भयावह घटना सामने आई है, जहां लगभग 300 लावारिस कुत्तों (Stray Dogs) को कथित तौर पर घातक इंजेक्शन (Lethal Injections) देकर मार दिया गया. इस सामूहिक हत्याकांड के उजागर होने के बाद पुलिस ने दो सरपंचों और ग्राम सचिवों सहित नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की शिकायत के बाद शुरू हुई इस जांच ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है.

जांच में यह बात सामने आई है कि नरसापुर और शिवमपेट मंडलों के विभिन्न गांवों में एक 'किलिंग स्क्वाड' को किराए पर लिया गया था. इन लोगों ने सुनियोजित तरीके से कुत्तों को पकड़ा और उन्हें जहरीले इंजेक्शन लगाए. कुत्तों के मरने के बाद उनके शवों को गांव के बाहरी इलाकों में बने गड्ढों में सामूहिक रूप से दफना दिया गया.

पशु कल्याण कार्यकर्ताओं द्वारा इन सामूहिक कब्रों की खोज के बाद हैदराबाद पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. यह भी पढ़ें: SC on Stray Dog: आवारा कुत्तों के बढ़ते मामलों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सभी राज्यों से 3 नवंबर तक जवाब देने का आदेश

नियमों का उल्लंघन: नसबंदी की जगह दी मौत

भारत में लावारिस कुत्तों के प्रबंधन के लिए 'पशु जन्म नियंत्रण (कुत्ता) नियम, 2023' लागू हैं. इन नियमों के तहत:

  • स्थानीय निकायों को कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और टीकाकरण (ABC Protocols) का सहारा लेना चाहिए.
  • कुत्तों को उनके मूल स्थान से हटाना या मारना पूरी तरह से गैरकानूनी है.
  • उपचार के बाद कुत्तों को वापस उसी स्थान पर छोड़ना अनिवार्य होता है.

कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्थानीय अधिकारियों ने आबादी कम करने के लिए ‘शॉर्टकट’ अपनाते हुए कानून का उल्लंघन किया है. यह भी पढ़ें: आवारा कुत्तों का आतंक! बीच सड़क पर छोटी बच्ची पर टूट पड़े कुत्ते, देखें दिल दहला देने वाला Viral Video

प्रशासनिक कार्रवाई और जांच

हनमकोंडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर में नामित व्यक्तियों में स्थानीय प्रशासनिक नेता और सचिव शामिल हैं. हालांकि, सोमवार सुबह तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. फॉरेंसिक विशेषज्ञ बरामद किए गए अवशेषों का पोस्टमार्टम करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या के लिए किस घातक रसायन का उपयोग किया गया था.

राज्य सरकार ने जिला प्रशासन से इस चूक पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इस घटना ने स्थानीय पंचायतों में पशु कल्याण कानूनों के बारे में जागरूकता की कमी को उजागर किया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 12, 2026 12:05 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).