Maharashtra Govt Lottery Soon: महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) राज्य के राजस्व में वृद्धि के लिए लॉटरी (Lottery) की घोषणा करने की योजना बना रही है. इस प्रस्ताव पर अभी विचार चल रहा है. अगर टिकट खरीदने वाला लॉटरी नहीं जीतता है, तो उसका पैसा वापस कर दिया जाएगा और जब्त नहीं किया जाएगा. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि राज्य सरकार के पास रहेगी, जो तीन या पांच साल बाद उस व्यक्ति को ब्याज सहित वापस कर देगी.
यह टिकट खरीदने वाले के लिए फायदेमंद स्थिति होगी, क्योंकि हारने पर लॉटरी का पैसा ब्याज सहित वापस कर दिया जाएगा. राज्य के पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी विधायक सुधीर मुनगंटीवार (BJP MLA Sudhir Mungantiwar), जो घाटे में चल रहे राज्य लॉटरी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए गठित समिति का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने अखबार को बताया कि यह पैसा राज्य सरकार के पास जमा रहेगा और लॉटरी को जुआ मानने की धारणा भी खत्म हो जाएगी.
समिति ने हाल ही में केरल लॉटरी प्रणाली और उसके मॉडल पर शोध किया है. समिति अगले दो महीनों में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी. सरकार ने इस वर्ष अप्रैल में लॉटरी क्षेत्र में राजस्व बढ़ाने के लिए सुझाव देने हेतु एक सर्वदलीय समिति का गठन किया था. रिपोर्ट के आधार पर, सरकार राज्य में लॉटरी क्षेत्र के संचालन के तरीके पर आगे की कार्रवाई करेगी. यह भी पढ़ें: Nagaland Dear Lottery Sambad Result Today 8 PM: किसने जीते 1 करोड़ और किसे मिला 5 लाख का इनाम, देखें "Dear Sandpiper Thursday" के रिजल्ट
सरकार विभिन्न सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत शहर में कहीं से भी लॉटरी टिकट खरीदने के लिए एटीएम उपलब्ध करा सकती है. यह मॉडल निवेश के पक्ष में होगा, ऑनलाइन नहीं. मुगंटीवार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि समिति लॉटरी व्यवसाय को ऑनलाइन करने के खिलाफ है, क्योंकि इससे बच्चे भी आकर्षित हो सकते हैं.
केरल लॉटरी क्षेत्र (Kerala lottery sector) का वार्षिक कारोबार लगभग 12,000 करोड़ रुपए का है और लाभ 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये के बीच है. लॉटरी टिकटों की बिक्री से प्राप्त धन को उत्पादक क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा जो राज्य के परिवर्तन में सहायक होंगे. महाराष्ट्र के संघर्षरत लॉटरी क्षेत्र का औसत कारोबार केवल 30-35 करोड़ रुपए का है और राज्य राजस्व बढ़ाने के उपाय तलाश रहा है.













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