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Maharashtra Flood: महाराष्ट्र में बारिश बनी आफत! ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरि समेत कई जिलें जलमग्न, नदियां उफान पर, सेना-NDRF तैनात

महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद कई जिलों में हालात खराब हो गए है. पश्चिमी और तटीय महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. कुछ गांव तो पूरी तरह डूब गए. विभिन्न स्थानों में फंसे हजारों लोगों को निकालने के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं. पुणे, नासिक के अलावा ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पश्चिमी जिलों सतारा, कोल्हापुर के तटीय जिलों में भारी बारिश के चलते बड़ी और छोटी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

Maharashtra Flood: महाराष्ट्र में बारिश बनी आफत! ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरि समेत कई जिलें जलमग्न, नदियां उफान पर, सेना-NDRF तैनात
महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद हालात खराब (Photo Credits: Twitter)

Maharashtra Flood Latest Updates: महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद कई जिलों में हालात खराब हो गए है. पश्चिमी और तटीय महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. कुछ गांव तो पूरी तरह डूब गए. विभिन्न स्थानों में फंसे हजारों लोगों को निकालने के लिए बचाव दल तैनात किए गए हैं. पुणे, नासिक के अलावा ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पश्चिमी जिलों सतारा, कोल्हापुर के तटीय जिलों में भारी बारिश के चलते बड़ी और छोटी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. मुंबई से सटे जिले में तो उल्हास नदी का पानी शहर में घुस आया है. रायगढ़ जिले में भूस्खलन और बाढ़ से पांच लोगों की मौत की पुष्टी हुई है. रन्नागिरी के चिपलुन तालुका में तो स्थिति बेहद गंभीर है, यहां कई स्थानों पर तो घर-गाड़िया पानी में डूबी हुई है. राहत कार्यों में सहयोग के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) को बुलाया है. महाराष्ट्र: कोल्हापुर में लगातार बारिश, कई मार्ग यातायात के लिए बंद

महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ के कारण उत्पन्न स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा की और उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया. जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में सड़क एवं रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कई गांवों का संपर्क टूट चुका है. रत्नागिरी जिले में भारी बारिश के कारण एक नदी में आए उफान से कोंकण रेलवे को अपनी रेल सेवाएं स्थगित करनी पड़ी. जिस वजह से करीब छह हजार यात्री फंस गए.

बाढ़ग्रस्त इलाकों में सेना और नौसेना तैनात

भारतीय सेना और नौसेना की टीम महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित कोंकण क्षेत्र के रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में बचाव अभियान में मदद कर रही है. राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि रत्नागिरी जिले में बचाव अभियान के लिए वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध कराया गया है. मुख्यमंत्री स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं. कार्यालय ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), तट रक्षक, नौसेना और सेना को क्षेत्र में तैनात किया गया है और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है.

एनडीआरएफ दलों को पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली, सातारा और कोल्हापुर जिलों में भी भेजा गया है. कोल्हापुर के शिरोल और करवीर तहसील में दो दल तैनात किए गए हैं. एनडीआरएफ की तरफ से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उसकी चार टीमों को मुंबई, और एक-एक टीम को ठाणे और पालघर जिलों में तैनात किया गया है.

रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां उफान पर

भारी बारिश की वजह से कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. जगबुड़ी, वशिष्ठी, कोडावली, शस्त्री, बाव समेत रत्नागिरी जिले की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. जबकि पड़ोसी रायगढ़ जिले में भी इसी प्रकार कुंडलिका, अंबा, सावित्री, पातालगंगा, गढ़ी, उल्हास सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. सरकारी अमला प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटा है.

कोंकण रेलवे ठप्प

कोंकण रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ये ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर सुरक्षित स्थानों पर हैं और उनके अंदर मौजूद यात्री भी सुरक्षित हैं. उन्हें खाने-पीने का सामान मुहैया कराया जा रहा है. भारी बारिश के कारण रत्नागिरि में चिपलून और कामठे स्टेशन के बीच वशिष्ठी नदी पुल का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस खंड पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी तौर पर निलंबित कर दी गई हैं. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोंकण रेल मार्ग पर 5,500-6,000 यात्री ट्रेनों में फंस गए हैं. कोंकण रेलवे का मुंबई के पास रोहा से मंगलुरु के पास स्थित थोकुर तक 756 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग है. महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक मार्ग चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक हैं, क्योंकि यहां कई कई नदियां, घाटियां और पहाड़ हैं.

मुंबई से सटे जिलों में बरपा बारिश का कहर

मुंबई के पड़ोसी ठाणे और पालघर और कोंकण के कई जिलों में गत कुछ दिनों से भारी जारी है. भीषण बारिश के कारण कई स्थानों पर पानी भर गया, कुछ स्थानों पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं. जलजमाव की घटनाओं से ठाणे जिले के मुंब्रा, भिवंडी, टिटवाला और कसारा इलाकों से लोगों के फंसने की जानकारी मिली है. ठाणे जिले के सहापुर तालुका के कुछ गांव डूब गए हैं. स्थानीय अधिकारी एनडीआरएफ की मदद से वहां फंसे लोगों को निकाल रहे है. अधिकारियों ने बताया कि वसई, विरार और पालघर में अन्य स्थानों पर बाढ़ आई है लेकिन अब तक किसी की जान जाने की सूचना नहीं है. ठाणे जिले के कसारा और टिटवाला में भी कुछ लोग बाढ़ में फंस गए थे जिन्हें निकालकर जिला परिषद के स्कूलों में ठहराया गया है. बताया जा रहा है कि भिवंडी, बदलापुर, उल्हासनगर, कल्याण, डोंबिवली जैसे कई शहरों में कई फीट पानी और कुछ निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया था. दुकानों, कार्यालयों, घरों और भूतल के फ्लैटों में बाढ़ का पानी घुस गया, कई बड़े और छोटे वाहन पूरी तरह से जलमग्न हो गए या बह गए और लोग अपने घरों में घंटों फंसे रहे.

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और नदियों के जलस्तर पर नजर रखने एवं लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है. दरअसल भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने तटीय क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2021 09:38 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).