महाराष्ट्र के बीड में भारी बारिश का कहर, मंगलवार को कक्षा 1 से 7 तक के स्कूल रहेंगे बंद
School Holiday

बीड: महाराष्ट्र (Maharashtra) के बीड (Beed) जिले में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालातों को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को कक्षा 1 से 7 तक के सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है. जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि तेज बारिश के कारण नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया. महाराष्ट्र के बीड और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है. प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बच्चों और आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है.

बीड प्रशासन ने आंगनवाड़ी, प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को भी बंद करने का आदेश दिया है. हालांकि, 17 सितंबर को मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस की तैयारियों में जुटे शिक्षक और कर्मचारी इस आदेश से बाहर रहेंगे.

मराठवाड़ा क्षेत्र में बारिश से बिगड़े हालात

पिछले दो दिनों से मराठवाड़ा क्षेत्र में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. केशेगांव सर्कल (धाराशिव) ने पिछले 24 घंटों में 105 मिमी बारिश दर्ज की, जबकि बीड, लातूर, धाराशिव, परभणी और हिंगोली के 32 सर्कल्स में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई.

दो महिलाओं की मौत, नदियां उफान पर

हिंगोली जिले के वस्मत तालुका के गुंडा गांव में दो महिलाओं की तेज बहते पानी में डूबकर मौत हो गई. प्रशासन के मुताबिक, मराठवाड़ा क्षेत्र में इस वर्ष जून से अब तक औसतन 676 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से 79 मिमी अधिक है.

बांधों का जलस्तर बढ़ा, बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया

भारी बारिश से मराठवाड़ा के 11 प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं का जलस्तर 94.36% तक पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में 89.32% था. अधिकारियों के अनुसार, विभिन्न परियोजनाओं से 1.51 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा 91,854 क्यूसेक पानी नांदेड़ के विष्णुपुरी डैम से छोड़ा गया.

मुंबई और कोकण क्षेत्र में अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र और कोकण क्षेत्र के लिए भी चेतावनी जारी की है. मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है, जहां अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है. कम ऊंचाई वाले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.