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Madhubani School Teachers Mobile Ban: बिहार के मधुबनी जिले के DM का बड़ा फैसला, क्लास के दौरान शिक्षकों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक, आदेश जारी

In a move aimed at enhancing classroom discipline and ensuring focused instruction, the district administration in Bihar’s Madhubani has officially banned school teachers from using mobile phones during teaching hours.

Madhubani School Teachers Mobile Ban: बिहार के मधुबनी जिले के DM का बड़ा फैसला, क्लास के दौरान शिक्षकों के मोबाइल इस्तेमाल पर रोक, आदेश जारी

 Madhubani School Teachers Mobile Ban: बिहार के मधुबनी जिले में अब स्कूली शिक्षक कक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग नहीं कर सकेंगे. जिला प्रशासन ने शिक्षण कार्य में एकाग्रता बढ़ाने और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा फैसला लिया है. जिलाधिकारी (DM) आनंद शर्मा ने मंगलवार को इस संबंध में निषेधाज्ञा जारी की. इस आदेश का मुख्य उद्देश्य डिजिटल व्यवधानों को समाप्त कर छात्रों को दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है.

डिजिटल रुकावटों को खत्म करने की पहल

जिलाधिकारी आनंद शर्मा (2013 बैच के आईएएस अधिकारी) ने स्पष्ट किया कि यह आदेश उन रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि मोबाइल फोन का अधिक उपयोग शिक्षकों के शैक्षणिक प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है. सोशल मीडिया पर डीएम का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वे इस प्रतिबंध की औपचारिक घोषणा कर रहे हैं. प्रशासन का मानना है कि इस कदम से क्लासरूम के भीतर एक पेशेवर और गंभीर माहौल तैयार होगा. यह भी पढ़े:  Mobile Ban in Classroom: स्कूलों में मोबाइल फोन बैन, नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई; दक्षिण कोरियाई सरकार का बड़ा फैसला

'बिहार सोशल मीडिया नियमावली 2026' का संदर्भ

मधुबनी जिला प्रशासन का यह स्थानीय आदेश राज्य स्तर पर चल रहे प्रयासों का ही हिस्सा है. ज्ञात हो कि 'बिहार सोशल मीडिया नियमावली 2026' के तहत राज्य सरकार ने पहले ही सरकारी कर्मचारियों के डिजिटल आचरण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत कर्मचारियों को सार्वजनिक मंचों पर राजनीतिक हस्तियों का समर्थन करने या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से प्रतिबंधित किया गया है.

औचक निरीक्षण और दंडात्मक कार्रवाई

नए नियमों के अनुसार, शिक्षकों को अपने स्मार्टफोन केवल आपातकालीन स्थिति में उपयोग करने की अनुमति होगी या उन्हें कक्षा के बाहर रखना होगा. जिला अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया जाएगा. यदि कोई शिक्षक इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

शिक्षा के स्तर में सुधार का लक्ष्य

बिहार के शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन का यह संयुक्त प्रयास सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है. मधुबनी से शुरू हुई यह पहल अब राज्य के अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल के तौर पर देखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों का पूरा ध्यान छात्रों के भविष्य पर होना चाहिए, न कि मोबाइल स्क्रीन पर.


(The above story first appeared on LatestLY on Apr 22, 2026 09:53 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).