LPG Booking: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच 99 फीसदी तक पहुंची ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग, सरकार ने घरेलू आपूर्ति को दी प्राथमिकता

वैश्विक तनाव के बीच भारत सरकार ने घरेलू एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं. ऑनलाइन बुकिंग और सुरक्षित डिलीवरी सिस्टम के जरिए वितरण को पारदर्शी बनाया जा रहा है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध (US-Iran War) (2026) के कारण उत्पन्न वैश्विक अस्थिरता (Geopolitical Situation) के बीच भारत सरकार ने सोमवार को ईंधन आपूर्ति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. सरकार के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति ने एलपीजी (LPG) की आपूर्ति को प्रभावित किया है, लेकिन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. इस संकट के दौरान डिजिटल लेन-देन में भारी उछाल देखा गया है और अब उद्योग स्तर पर ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग (Online LPG Booking) बढ़कर 99 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यह भी पढ़ें: LPG Shortage News: मुंबई में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी, होटल और बीएमसी स्कूलों के मिड डे मील पर पड़ा असर

सुरक्षित डिलीवरी के लिए DAC सिस्टम पर जोर

गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और डायवर्जन को रोकने के लिए सरकार ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) प्रणाली को कड़ाई से लागू किया है। अब लगभग 92 प्रतिशत डिलीवरी DAC आधारित हो रही हैं.

रिफाइनरी और घरेलू उत्पादन में तेजी

मंत्रालय ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं.  कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भंडार बनाए रखा गया है. घरेलू खपत को सहारा देने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का उत्पादन बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा, पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. यह भी पढ़ें: How To Apply MGL PNG Connection: गैस संकट के बीच ठाणे में LPG छोड़ PNG की ओर बढ़ा लोगों का रुझान, जानें आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज सहित अन्य जानकारी

कमर्शियल एलपीजी और ऑटो एलपीजी का अपडेट

कमर्शियल एलपीजी का आवंटन भी संकट से पहले के स्तर का लगभग 70 प्रतिशत कर दिया गया है. आईओसीएल (IOCL), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) के कार्यकारी निदेशकों की एक तीन सदस्यीय समिति राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर वितरण की योजना बना रही है.

ऑटो एलपीजी की मांग में भी बदलाव देखा गया है, जहां निजी कंपनियों के बजाय अब लोग सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (PSU OMCs) की ओर रुख कर रहे हैं. कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में ऑटो एलपीजी की मांग में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है.

पीएनजी (PNG) की ओर बढ़ता रुझान

एलपीजी पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार पीएनजी कनेक्शनों को भी तेजी से बढ़ा रही है.

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