जीवन रक्षक दवाएं होंगी सस्ती! अब इन 33 दवाओं पर नहीं लगेगा GST, जाने पूरी डिटेल्स
GST Rate Cut Down On Life Savings Medicines

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में बुधवार 3 सितंबर 2025 को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की गई. इस बैठक में देश में अब केवल दो टैक्स स्लैब, 5% और 18% लागू करने का निर्णय लिया गया है. इसके अलावा आम लोगों को राहत देने के लिए कई ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिनसे दैनिक जीवन की जरूरतों और गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाओं की कीमतों में कमी आएगी.

जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी हटा

विशेष रूप से 33 जीवन रक्षक दवाओं पर 12% जीएसटी पूरी तरह से हटा कर शून्य कर दिया गया है. इनमें कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़ी दवाएं शामिल हैं. अब इन दवाओं की खरीद पर किसी भी प्रकार का जीएसटी नहीं लगेगा.

मरीजों और परिवारों को सीधा लाभ

आजकल कई गंभीर और दुर्लभ बीमारियों का इलाज बहुत महंगा है. इन दवाओं पर जीएसटी हटने से सीधे मरीजों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी. पहले 12% टैक्स के कारण इन दवाओं की कीमतें और भी ज्यादा बढ़ जाती थीं. अब जीएसटी हटने के बाद मरीज इन दवाओं को आसानी से और किफायती दामों पर खरीद सकेंगे.

कौन-कौन सी दवाएं शामिल हैं?

इन 33 दवाओं में कैंसर, ब्लड डिसऑर्डर (Blood Disorder), दुर्लभ जेनेटिक (Genetic) रोग और अन्य गंभीर बीमारियों से जुड़ी महंगी दवाएं शामिल हैं.

कुछ मुख्य दवाओं के नाम इस प्रकार हैं:

ओनासेम्नोजीन एबेपर्वोसेवेक (Onasemnogene abeparvovec)

एस्किमिनिब (Asciminib)

मेपोलिज़ुमैब (Mepolizumab)

पेगिलेटेड लिपोसोमल इरिनोटेकैन (Pegylated Liposomal Irinotecan)

डाराटुमुमैब (Daratumumab)

टे क्लिस्टामैब (Teclistamab)

एलेक्टिनिब (Alectinib)

रिस्डिप्लैम (Risdiplam)

ऑबिनुतुज़ुमैब (Obinutuzumab)

पोलाटुज़ुमैब वेडोटिन (Polatuzumab vedotin)

एटेज़ोलिज़ुमैब (Atezolizumab)

एमिसिज़ुमैब (Emicizumab)

और अन्य महंगी और जीवन रक्षक दवाएं भी इस सूची में शामिल हैं.

केवल 2 टैक्स स्लैब रहेंगे

जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब देश में केवल दो टैक्स स्लैब, 5% और 18% ही लागू होंगे. सामान्य उपयोग की चीजों जैसे साबुन, साइकिल, टीवी (TV), पर्सनल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी पर टैक्स दर कम कर दी गई है. नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी, जो नवरात्रि के पहले दिन से प्रभावी होंगी.

रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से अनुमानित आर्थिक प्रभाव लगभग 48,000 करोड़ रुपये का होगा, लेकिन इसका अर्थव्यवस्था पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के भाषण में टैक्स प्रणाली को सरल बनाने की बात कही थी और उसी घोषणा के अनुसार जीएसटी काउंसिल ने टैक्स दरों में यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है.

आम लोगों और बाजार पर असर

इस बदलाव से न सिर्फ गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमतों में राहत मिलेगी, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों और सामान्य उत्पादों की कीमतों में भी कमी आएगी. इसका फायदा आम परिवारों के बजट पर सीधे पड़ेगा और बाजार में मांग भी संतुलित रूप से बढ़ेगी.