Ladki Bahin Yojana E-KYC Last Date: महाराष्ट्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 'माझी लाडकी बहिन योजना' के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है. राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए सभी पात्र महिलाओं को 31 मार्च 2026 तक अपनी ई-केवाईसी (E-KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी. जिन लाभार्थियों की ई-केवाईसी अधूरी रहेगी, उन्हें अप्रैल महीने से मिलने वाली 1,500 रुपये की मासिक किस्त के भुगतान में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
ई-केवाईसी क्यों है जरूरी?
सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सीधे सही लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचे. ई-केवाईसी के माध्यम से आधार कार्ड और बैंक खाते का सत्यापन (Verification) किया जाता है. इससे सिस्टम में मौजूद किसी भी तरह की विसंगति या गलत जानकारी को सुधारा जा सकता है. विभाग के अनुसार, बैंक खाते का आधार से लिंक होना और डीबीटी (Direct Benefit Transfer) सक्रिय होना अनिवार्य है.
कैसे पूरी करें ई-केवाईसी प्रक्रिया?
लाभार्थी महिलाएं घर बैठे या नजदीकी केंद्रों पर जाकर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं:
-
नारी शक्ति दूत ऐप: लाभार्थी अपने मोबाइल पर 'नारी शक्ति दूत' (Nari Shakti Doot) ऐप के माध्यम से स्वयं ई-केवाईसी कर सकती हैं.
-
आधिकारिक वेबसाइट: योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर लॉगिन करके भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है.
-
नजदीकी केंद्र: जो महिलाएं तकनीक से परिचित नहीं हैं, वे अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केंद्र, सेतु सुविधा केंद्र या ग्राम पंचायत कार्यालय में जाकर सहायता ले सकती हैं.
इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
ई-केवाईसी के लिए लाभार्थियों के पास निम्नलिखित जानकारी का होना आवश्यक है:
-
आधार कार्ड नंबर.
-
आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए).
-
बैंक पासबुक की जानकारी.
-
योजना का आवेदन क्रमांक (Application ID).
31 मार्च के बाद क्या होगा?
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि 31 मार्च की समय सीमा समाप्त होने के बाद पोर्टल पर ई-केवाईसी का विकल्प बंद किया जा सकता है. यदि सत्यापन समय पर नहीं होता है, तो बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर करने वाली डीबीटी प्रक्रिया रुक जाएगी. हालांकि, ई-केवाईसी पूरी होते ही रुकी हुई किस्तों को दोबारा जारी करने का प्रावधान हो सकता है, लेकिन किसी भी तरह की देरी से बचने के लिए इसे समय पर करना ही बेहतर है.
राज्य भर में अब तक करोड़ों महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं. सरकार ने जिला प्रशासन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं को इस समय सीमा के बारे में जागरूक करें ताकि अंतिम समय में पोर्टल पर तकनीकी लोड कम रहे.













QuickLY