Ladki Bahin Yojana: CM फडणवीस का बड़ा बयान, 1.70 करोड़ पात्र लाडकी बहनों को मिलता रहेगा लाभ, गलत तरीके से फायदा उठाने वाले 14,000 पुरुषों से होगी वसूली; VIDEO
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CM Fadnavis on Ladki Bahin Yojana: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार, 2 जून को स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाड़की बहिन' योजना को बंद नहीं किया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि 1.70 करोड़ पात्र महिलाओं को इस कल्याणकारी योजना का लाभ मिलता रहेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महिला बनकर इस योजना का गलत तरीके से लाभ उठाने वाले करीब 14,000 पुरुषों से सरकार पैसों की वसूली करेगी.

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, "यह योजना कभी बंद नहीं होगी. आज भी यह देश के राज्यों में अपने तरह की सबसे बड़ी कल्याणकारी योजना है और यह आगे भी जारी रहेगी." उन्होंने बताया कि जांच के दौरान कई तरह की गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिसके बाद सरकार अब सख्त कदम उठा रही है.  यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana Update: लाडकी बहनों को बड़ा झटका, 80 लाख महिलाओं के पैसे आने हुए बंद; जानें क्या है वजह

CM फडणवीस का बड़ा बयान

जांच में सामने आईं वित्तीय गड़बड़ियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी सत्यापन और स्क्रूटनी के दौरान बड़े पैमाने पर विसंगतियां पाई गईं. जांच में सामने आया कि लगभग 10 लाख लाभार्थी महिलाओं के परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक है. इसके अलावा, करीब 5 लाख महिलाएं ऐसे परिवारों से पाई गईं जहां पहले से ही कोई सदस्य सरकारी नौकरी में कार्यरत है.

सबसे चौंकाने वाला मामला यह रहा कि करीब 14,000 पुरुषों ने खुद को महिला लाभार्थी दर्शाकर इस योजना के लिए आवेदन किया और वित्तीय लाभ उठाया. सरकार ने अब इन सभी फर्जी आवेदकों से राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है.

ई-केवाईसी के बाद लाभार्थियों की संख्या में कमी

दो साल पहले शुरू की गई इस योजना में 30 अप्रैल तक ई-केवाईसी (e-KYC) कराने की अंतिम समयसीमा तय की गई थी. इस प्रक्रिया के पूरा होने और पात्रता मानदंडों की कड़ी जांच के बाद कुल लाभार्थियों की संख्या 2.4 करोड़ से घटकर लगभग 1.7 करोड़ रह गई है.

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में आवेदकों के बाहर होने का मुख्य कारण तय नियमों का पालन न करना और जरूरी दस्तावेज जमा न करा पाना है.

पारदर्शिता पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि योजना में पूरी पारदर्शिता लाना सरकार की प्राथमिकता है. अपात्र लोगों को हटाए जाने से केवल वास्तविक और जरूरतमंद महिलाओं तक ही इस योजना का लाभ समय पर पहुंच सकेगा. सरकार ने गलत तरीके से फॉर्म भरने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर जांच तेज कर दी है.