देश

Karnataka Congress crisis: कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ा असंतोष, मंत्री केएच मुनियप्पा ने खाद्य विभाग का कार्यभार लेने से किया इनकार

केएच मुनियप्पा कर्नाटक कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. वह सात बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में देवनहल्ली से विधायक हैं. दलित समुदाय से आने वाले मुनियप्पा पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा तथा जनहितैषी छवि के लिए जाने जाते हैं. उनकी बेटी एम रूपकला शशिधर भी दो बार विधायक रह चुकी हैं.

Karnataka Congress crisis: कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ा असंतोष, मंत्री केएच मुनियप्पा ने खाद्य विभाग का कार्यभार लेने से किया इनकार
केएच मुनियप्पा (Photo Credit: X Formerly Twitter)

Karnataka Congress crisis: कर्नाटक में नवगठित सरकार के सामने एक और राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री केएच मुनियप्पा ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग आवंटित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए मंत्रालय का कार्यभार संभालने से इनकार कर दिया है. मुनियप्पा ने पार्टी आलाकमान से हस्तक्षेप कर उनके साथ हुए "अन्याय" को सुधारने की मांग भी की है. इससे पहले वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी भी विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष जाहिर करते हुए इस्तीफे की घोषणा कर चुके हैं. कर्नाटक सरकार में बड़ा सियासी धमाका: शपथ लेने के महज 2 दिन बाद मंत्री रामलिंगा रेड्डी का इस्तीफा, पोर्टफोलियो आवंटन पर जताई गहरी नाराजगी (Watch Video)

"खाद्य मंत्री का पदभार नहीं संभालूंगा"

बेंगलुरु ग्रामीण जिले के देवनहल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुनियप्पा ने स्पष्ट कहा कि वह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग का कार्यभार नहीं संभालेंगे. उन्होंने कहा, "मैं खाद्य विभाग का प्रभार नहीं लूंगा. पार्टी नेतृत्व को वरिष्ठ नेताओं की वरिष्ठता का सम्मान करते हुए विभागों के बंटवारे में हुई गलतियों को सुधारना चाहिए. जब तक ऐसा नहीं होता, मैं मुझे आवंटित मंत्रालय का कार्यभार नहीं संभालूंगा."

वरिष्ठता को नजरअंदाज करने का आरोप

मुनियप्पा ने कहा कि उनके पास प्रशासनिक अनुभव की कोई कमी नहीं है. वह केंद्र में यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि विभागों का उचित आवंटन सुनिश्चित करना पार्टी आलाकमान की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि फैसले ऐसे होने चाहिए जो नेतृत्व की वरिष्ठता और जनता के विश्वास दोनों का सम्मान करें.

मल्लिकार्जुन खड़गे से जताई उम्मीद

मुनियप्पा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मामले में हस्तक्षेप की उम्मीद जताई. उन्होंने कहा, "खड़गे जी को सभी नेताओं को साथ लेकर चलना चाहिए था. वह मां जैसी भूमिका में हैं और मुझे विश्वास है कि वह इस मुद्दे का समाधान निकालेंगे."

राहुल गांधी समेत शीर्ष नेताओं को दी जानकारी

मुनियप्पा ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को भी दे दी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही इस विवाद का समाधान करेगा.

मल्लिकार्जुन खड़गे और सिद्धारमैया के बेटों को लेकर नाराजगी

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता इस बात से नाराज हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतिंद्र सिद्धारमैया को महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं, जबकि कई वरिष्ठ नेताओं को अपेक्षा के अनुरूप जिम्मेदारियां नहीं मिलीं.

सरकार पर बढ़ा दबाव

मुनियप्पा की नाराजगी ऐसे समय सामने आई है जब विभागों के बंटवारे को लेकर सरकार पहले से ही आलोचना झेल रही है. रामलिंगा रेड्डी के बाद अब मुनियप्पा का विरोध मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार के लिए नई चुनौती बन गया है.

कौन हैं केएच मुनियप्पा?

केएच मुनियप्पा कर्नाटक कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. वह सात बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में देवनहल्ली से विधायक हैं. दलित समुदाय से आने वाले मुनियप्पा पूर्व केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा तथा जनहितैषी छवि के लिए जाने जाते हैं. उनकी बेटी एम रूपकला शशिधर भी दो बार विधायक रह चुकी हैं और केजीएफ विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 05, 2026 06:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).