Kolkata Signboard-Hoarding Decision: महाराष्ट्र के बाद पश्चिम बंगाल में भी भाषा को लेकर बवाल! साइनबोर्ड-होर्डिंग्स पर बांग्ला भाषा लिखना अनिवार्य
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Kolkata Signboard-Hoarding Decision: महाराष्ट्र के बाद अब पश्चिम बंगाल में भी भाषा को लेकर नया विवाद उभरता हुआ दिखाई दे रहा है. यह विवाद कोलकाता नगर निगम (Kolkata Municipal Corporation) द्वारा जारी किए गए उस सर्कुलर से शुरू हुआ है, जिसमें दुकानदारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के मालिकों से कहा गया है कि वे अपने साइनबोर्ड पर बांग्ला भाषा का भी उपयोग करें. इस आदेश के बाद से कई दुकानदारों ने अपने साइनबोर्ड में बांग्ला में बदलाव करना शुरू कर दिया है, ताकि वे कानूनी कार्रवाई से बच सकें.

कोलकाता नगर निगम ने जारी किया आदेश

दरअसल, कोलकाता नगर निगम ने शहर के सभी वाणिज्यिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए एक नया आदेश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि अब साइनबोर्ड, होर्डिंग्स और अन्य साइनेज पर बांग्ला भाषा का उपयोग अनिवार्य होगा. यह कदम बांग्ला भाषा के गौरव को बढ़ावा देने और भाषाई समावेशिता को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. यह भी पढ़े: Marathi vs Hindi Controversy: ‘मराठी में बात कर.. एक बार फिर भाषा को लेकर मुंबई की लोकल में हुआ महिलाओं में विवाद, VIDEO आया सामने

परिपत्र में क्या कहा गया?

नगर आयुक्त धवल जैन (Municipal Commissioner Dhaval Jain) द्वारा 30 अगस्त 2025 को जारी किए गए इस परिपत्र के अनुसार, सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को 30 सितंबर 2025 तक इस आदेश का पालन करना होगा। KMC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कोलकाता के सभी साइनबोर्ड्स और होर्डिंग्स पर बांग्ला भाषा का उपयोग अनिवार्य होगा.

सर्कुलर में क्या निर्देश दिए गए हैं?

इस सर्कुलर में कहा गया है कि सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दफ्तरों, नगर निगमों और अन्य संस्थानों को अपनी दुकान और साइनबोर्ड पर बांग्ला भाषा को सबसे ऊपर लिखने के निर्देश दिए गए हैं. इसके नीचे अन्य भाषाओं का प्रयोग किया जा सकता है, लेकिन बांग्ला भाषा को प्राथमिकता दी जाएगी.