जम्मू-कश्मीर: पाकिस्तान ने रमजान के पवित्र महीने में किया सीजफायर का उल्लंघन, BSF का एक जवान शहीद
गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों को रमजान के पवित्र महीने के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में अभियान नहीं चलाने को कहा गया है
नई दिल्ली. पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से कभी बाज नहीं आने वाला है. एक बार फिर पाक की ओर से गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में सीजफायर का उल्लंघन किया गया. पाक के इस हमले में भारतीय सीमा सुरक्षा बल का एक जवान शहीद हो गया और दो स्थानीय नागरिक घायल हो गए. वहीं इस घटना के बाद भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया. वहीं रमजान के इस मौके पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे 3 किमी तक के रेडियस में मौजूद स्कूलों को बंद कर दिया गया है. बता दें पाकिस्तान द्वारा किए गए फायरिंग में शहीद जवान सीताराम झारखंड के रहने वाले हैं.
वहीं दूसरी तरफ आतंकवादियों ने घात लगाकर जम्मू एवं कश्मीर के बांदीपोरा जिले में शुक्रवार को सेना के एक गश्ती दल पर हमला किया. इस आतंकी हमले में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. अगर सेना सूत्रों की माने तो, आतंकवादियों ने हाजिन क्षेत्र में सेना के गश्ती दल पर हमला किया. तो दूसरी तरफ पाकिस्तानी रेंजर्स ने बिना उकसावे के सांबा और हीरानगर सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गोलीबारी की. रेंजर्स ने करीब दर्जनभर बीएसएफ सीमा चौकियों को निशाना बनाया था.
One #BorderSecurityForce (BSF) soldier was killed during a ceasefire violation from across the border in #JammuAndKashmir 's R S Pura Sector
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— ANI Digital (@ani_digital) May 18, 2018
गौरतलब हो कि केंद्र सरकार ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर में रमजान के दौरान संघर्ष विराम की घोषणा की था. केंद्र सरकार ने कहा कि यह 'शांतिप्रिय मुस्लिमों के लिए शांतिपूर्ण माहौल में रमजान मनाने में मदद के लिए जरूरी है. गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सुरक्षा बलों को रमजान के पवित्र महीने के दौरान जम्मू एवं कश्मीर में अभियान नहीं चलाने को कहा गया है.
Photo of BSF Constable Sitaram Upadhyay, who lost his life in ceasefire violation by Pakistan in RS Pura sector of #JammuAndKashmir. He hails from Jharkhand & is survived by a three-year-old daughter and a one-year-old son. pic.twitter.com/ViHqGi5Rzc
— ANI (@ANI) May 18, 2018
हालांकि, बयान में कहा गया है कि सुरक्षा बलों पर हमले के दौरान जवाबी कार्रवाई या निर्दोष लोगों की जान बचाने के अधिकार सुरक्षित हैं. तो वहीं लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित संघर्ष विराम को नकार दिया है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 18, 2018 09:51 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

