कर्नाटक: RSS के कार्यक्रम में जाने पर सरकारी अफसर सस्पेंड, BJP और कांग्रेस में छिड़ी बहस
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Karnataka Officer Suspended for Attending RSS Event: कर्नाटक में एक पंचायत अधिकारी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने की वजह से सस्पेंड कर दिया गया है. कुछ ही दिन पहले राज्य की कांग्रेस सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर RSS जैसी संस्थाओं की गतिविधियों को कंट्रोल करने के लिए नए नियम बनाए थे. इस कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है और इसे "हिंदू विरोधी मानसिकता" बताया है.

क्या है पूरा मामला?

रायचूर जिले के सिरवर तालुका में पंचायत विकास अधिकारी के पद पर तैनात प्रवीण कुमार केपी को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया गया. उन पर आरोप है कि उन्होंने 12 अक्टूबर को लिंगसुगुर में RSS के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. प्रवीण कुमार RSS की यूनिफॉर्म पहनकर और हाथ में डंडा लेकर एक मार्च में शामिल हुए थे.

सरकार की तरफ से जारी सस्पेंशन ऑर्डर में कहा गया है कि एक सरकारी कर्मचारी होने के नाते प्रवीण ने सिविल सर्विस के नियमों का उल्लंघन किया है. नियमों के मुताबिक, किसी भी सरकारी कर्मचारी को राजनीतिक रूप से तटस्थ रहना होता है और अनुशासन बनाए रखना होता है. अब इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं और जांच पूरी होने तक अधिकारी सस्पेंड रहेंगे.

BJP ने कांग्रेस पर साधा निशाना

इस कार्रवाई पर BJP भड़क गई है. कर्नाटक BJP के अध्यक्ष विजयेन्द्र येदियुरप्पा ने इसे सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग और "देशभक्ति की भावनाओं पर हमला" बताया है.

उन्होंने कहा, "यह कांग्रेस पार्टी की हिंदू विरोधी और घटिया मानसिकता को दिखाता है. आपने सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. हम जानते हैं कि इसे पटरी पर कैसे लाना है. इस सस्पेंशन को तुरंत माफी के साथ वापस लेना चाहिए, वरना इस बांटने वाली राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा."

क्यों बढ़ा है विवाद?

कर्नाटक में कांग्रेस और BJP के बीच यह तनातनी तब से बढ़ गई है, जबसे राज्य सरकार ने यह नियम बनाया है कि किसी भी संगठन को सार्वजनिक जगहों पर कार्यक्रम करने के लिए पहले इजाजत लेनी होगी. इससे पहले राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने सार्वजनिक स्थानों पर RSS की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही थी.

मंत्री खड़गे को सीधी चुनौती देते हुए RSS ने 19 अक्टूबर को उनके ही चुनाव क्षेत्र चित्तापुर में एक मार्च निकालने का फैसला किया है. हालांकि, पुलिस से अभी इसकी इजाजत नहीं मिली है और स्थानीय अधिकारी मार्च की तैयारियों पर कार्रवाई कर रहे हैं. इलाके में लगे भगवा झंडे और बैनर हटाए जा रहे हैं.

इस पर मंत्री खड़गे ने चेतावनी दी है कि अगर नियमों का उल्लंघन किया गया तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी.