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जेएनयू हिंसा: एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन को लेकर छिड़ी बहस, हिंसा में ABVP के छात्रों के शामिल होने का दावा

दिल्ली पुलिस द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने कुछ ही समय बाद ही इंडिया टुडे समाचार चैनल ने एक स्टिंग ऑपरेशन को लेकर नई बहस छिड़ गई. इस ऑपरेशन में एबीवीपी के दो कथित सदस्यों को नकाबपोश भीड़ का हिस्सा बताया गया है, जिसके कारण 5 जनवरी की शाम को जेएनयू हिंसा हुई. इस हिंसा में 30 छात्र और कई शिक्षक घायल हुए थे. न्यूज चैनल द्वारा इस स्टिंग ऑपरेशन को चार हिस्सों में दिखाया गया है

जेएनयू हिंसा: एक न्यूज चैनल के स्टिंग ऑपरेशन को लेकर छिड़ी बहस, हिंसा में ABVP के छात्रों के शामिल होने का दावा
जेएनयू हिंसा (Photo Credits: PTI)

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस (Delhi Police) द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के कुछ ही समय बाद ही इंडिया टुडे न्यूज चैनल (India Today News Channel) ने एक स्टिंग ऑपरेशन (Sting Operation) को लेकर नई बहस छिड़ गई. इस ऑपरेशन में एबीवीपी (ABVP) के दो कथित सदस्यों को नकाबपोश भीड़ का हिस्सा बताया गया है, जिसके कारण 5 जनवरी की शाम को जेएनयू हिंसा (JNU Violence) हुई. इस हिंसा में 30 छात्र और कई शिक्षक घायल हुए थे. न्यूज चैनल द्वारा इस स्टिंग ऑपरेशन को चार हिस्सों में दिखाया गया है, जिसमें एक छात्र नजर आ रहा है, जिसकी पहचान अक्षत अवस्थी के रूप में हुई है. अक्षत अवस्थी का दावा है कि एबीवीपी के छात्रों ने ही साबरमती होस्टल में भी हमला किया था. उसका कहना है कि एबीवीपा के बड़े नेता से फोन पर बात की गई थी और बाहर से 20 लोगों को बुलाया गया था, जो हमले में शामिल थे.

अक्षत अवस्थी विश्वविद्यालय में फ्रेंच डिपार्टमेंट के फर्स्ट ईयर का छात्र है. एक अन्य एबीवीपा छात्र रोहित शाह ने दावा किया कि वह उन नकाबपोश लोगों में शामिल था, जिन्होंने 5 जनवरी को छात्रों के साथ बर्बरता की और उन पर हमला किया. रोहित शाह भी फ्रेंच डिपार्टमेंट के फर्स्ट ईयर का छात्र है. हालांकि एबीवीपी ने यह मानने से इनकार कर दिया है कि स्टिंग ऑपरेशन में शामिल दोनों छात्र एबीवीपा के सदस्य हैं. यह भी पढ़ें: JNU हिंसा: दिल्ली पुलिस ने कहा-वीडियो के आधार पर हुई नकाबपोश हमलावरों की पहचान, क्राइम ब्रांच ने जारी की तस्वीरें 

जेएनयू हिंसा की पुष्टि करते अक्षत अवस्थी-

रोहित शाह का नकाबपोश लोगों में शामिल होने का दावा 

इंडिया टुडे के स्टिंग ऑपरेशन ने गीता कुमारी से भी बात की, जो खुद को AISA की कार्यकर्ता बताती हैं. गीता वाम मोर्चे के छात्र समूह का हिस्सा हैं. गीता कुमारी ने स्टिंग में दावा किया कि उन्होंने 3 जनवरी को सर्वर रूम से केबल बाहर निकाल दी थी. उनका कहना है कि ऐसा करने का मकसद जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार की कम्युनिकेशन लाइनों को कट करना था. गीता का आरोप है कि बढ़ी हुई फीस और सेमेस्टर रजिस्ट्रेशन को लेकर उनकी मांगों पर वाइस चांसलर ध्यान नहीं दे रहे हैं. यह भी पढ़ें: JNU हिंसा: रविशंकर प्रसाद का विपक्ष पर निशाना, कहा- मोदी सरकार को गिराने की साजिश रचनेवाले नहीं होंगे सफल

वामपंथी कार्यकर्ता गीता कुमारी का दावा

स्टिंग ऑपरेशन के चौथे भाग में जीवी थापा नाम के एक गार्ड ने हिंसा के दौरान पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है. गार्ड ने दावा किया कि उसने दिल्ली पुलिस के जवानों को छात्रों को नुकसान पहुंचा रहे गुंडों को रोकने के लिए आग्रह भी किया, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया. अपने सीनियर्स के ऑर्डर न मिलने का हवाला देते हुए पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की.

गार्ड जीवी थापा ने लगाया पुलिस पर आरोप-

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को 5 जनवरी के जेएनयू हिंसा मामले में चल रही जांच के बारे में मीडिया को जानकारी देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मीडिया को संबोधित करते हुए दिल्ली पुलिस के पीआरओ एमएस रंधावा और क्राइम ब्रांच के डीसीपी जॉय तिर्की ने रविवार को हुई हिंसा की घटना के बारे में बताया. पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नौ संदिग्धों को हिंसा के लिए जिम्मेदार करार दिया. जेएनयूएसयू (JNUSU) की अध्यक्ष आइशी घोष और एबीवीपी के दो छात्रों को भी दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध बताया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jan 11, 2020 12:25 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).