गिरिडीह, 28 अप्रैल: झारखंड (Jharkhand) के गिरिडीह जिले (Giridih District) से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है. पचंबा थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोमवार देर रात 24 वर्षीय तौफीक अंसारी (Taufiq Ansari) की धारदार हथियार (Sharp Weapon) से हमला कर हत्या (Murder) कर दी गई. पुलिस के अनुसार, तौफीक हाल ही में जेल से बाहर आया था. इस मामले में सबसे अहम कड़ी वह मोबाइल वीडियो (Mobile Video) बताया जा रहा है, जिसे परिजनों ने तौफीक के अंतिम क्षणों में रिकॉर्ड किया है और जिसमें उसने अपने हमलावरों के नाम लिए हैं. यह भी पढ़ें: Bhagalpur Shocker: शादी के महज 15 दिन बाद फंदे से झूलती मिली नवविवाहिता, मायके वालों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप
साजिश के तहत मीटिंग के बहाने बुलाया
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी. घटना आजाद नगर चड्रा पुल के पास हुई. तौफीक के एक दोस्त ने बताया कि आधी रात के करीब मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अंबाटैंड निवासी आसिफ अली का तौफीक को फोन आया था. फोन आने के बाद तौफीक अपने तीन दोस्तों के साथ बताए गए स्थान पर पहुंचा, जहां आरोपी अपने 4-5 साथियों के साथ पहले से ही घात लगाकर बैठे थे.
बहस के बाद धारदार हथियार से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तौफीक के वहां पहुंचते ही आरोपियों के साथ उसकी बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने धारदार हथियारों से उस पर हमला कर दिया. तौफीक ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया और लहूलुहान कर दिया.
घटना की सूचना मिलने पर जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो तौफीक की हालत बेहद नाजुक थी. परिजनों का आरोप है कि दम तोड़ने से पहले तौफीक ने साकिब, अरशद, मोनू पठान और आसिफ अली को अपनी इस हालत का जिम्मेदार बताया. यह भी पढ़ें: Jharkhand Food Poisoning: झारखंड के गिरिडीह में गोलगप्पा खाने से मातम, फूड पॉइजनिंग से एक मासूम की मौत, 18 लोग अस्पताल में भर्ती
पुलिस की कार्रवाई और जांच के बिंदु
पचंबा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस ने घटनास्थल के पास एक नाले से पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद किया है. प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश और इलाके में वर्चस्व की लड़ाई मुख्य कारण हो सकती है.
पुलिस ने पुष्टि की है कि मृतक का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी जेल जा चुका था. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी जारी है. पुलिस उस वीडियो की भी जांच कर रही है जिसे 'डाइंग डिक्लेरेशन' (मृत्यु पूर्व बयान) के तौर पर पेश किया जा रहा है.












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