नई दिल्ली: सस्ती दर पर हवाई यात्रा करवानेवाली जेट एयरवेज कंगाल होने की कगार पर आ गई है. दरअसल जेट एयरवेज की वित्तीय हालत काफी दिनों से खराब चल रही है. विमानन कंपनी ने अपने कर्मचारियों से कहा है कि अगर तुरंत खर्चे में कमी नहीं की गई तो केवल 60 दिन के बाद ही उड़ान भरना नामुमिकन हो जाएगा.
टाइम्स ऑफ इंडिया के खबर के मुताबिक जेट एयरवेज ने अपने कर्मचारियों से कहा है हमें खर्चे कम करने के उपाय करने पड़ेंगे और अगर ऐसा नहीं किया गया तो कंपनी के लिए दों महीने से ज्यादा काम करना नामुमिकन हो जाएगा. इसलिए कर्मचारियों की सैलरी भी घटाई जा सकती है. वहीं कंपनी के इस बयान के बाद सभी कर्मचारियों में जॉब जाने की चिंता भी सताने लगी है.
वहीं खबरों की मानें तो जेट एयरवेज ने अपने कर्मचारियों को भी निकालना शुरू कर दिया है. विमानन कंपनी ने इसकी शुरुआत इंजिनियरिंग विभाग से की है. वहीं केबिन क्रू और ग्राउंड हैंडलिंग विभाग से भी कर्मचारियों को निकाला जाएगा. इसके साथ ही कर्मचारियों को 25 फीसदी तक की सैलरी कट का भी सामना करना पड़ेगा.
बताया जा रहा है कि जेट एयरवेज को हर साल करीब 3 हजार करोड़ रुपये कर्मचारियों को सैलरी पर खर्च करने पड़ते थे, इस कदम के बाद जेट एयरवेज करीब 500 करोड़ रुपये हर वर्ष बचाएगी.
बता दें की विमानन दिग्गज जेट एयरवेज ने 2018 फर्नबोरो अंतर्राष्ट्रीय एयरशो के दौरान बोइंग '737 मैक्स 8' विमान के 75 जेट का अतिरिक्त ऑर्डर दिया. जुलाई महीने में जारी संयुक्त बयान के मुताबिक, मौजूदा सूची मूल्य पर 8.8 अरब डॉलर कीमत का ऑर्डर दिया गया है. इसे पहले बोइंग के ऑर्डर और डिलिवरीज की वेबसाइट पर अज्ञात रूप में पोस्ट किया गया था.













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