Income Tax Refund Update: अगर आपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भर दिया है, और अभी तक रिफंड नहीं मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. दरअसल, आयकर विभाग (Income Tax Department) की तरफ से रिफंड में देरी होने पर अब आपको इसका फायदा मिलेगा. सरकार अब रिफंड में देरी होने पर आपको ब्याज देगी. जितने दिनों की देरी होगी, उतना ज्यादा ब्याज आपको मिलेगा.
आयकर रिफंड में देरी होने पर कितना मिलेगा ब्याज?
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 244A के तहत, सरकार आपको इस देरी के लिए हर महीने 0.5% की दर से ब्याज देती है. यह ब्याज दो तारीखों में से जो बाद में आती है, उस तारीख से गिना जाता है – या तो जिस दिन आपने आईटीआर फाइल किया या जिस दिन असेसमेंट ईयर (Assessment Year) खत्म होता है. यह ब्याज सीधे आपके रिफंड अमाउंट में जोड़कर आपके बैंक खाते में जमा किया जाता है.
उदाहरण के लिए, अगर आपको 10,000 रुपये का रिफंड मिलना है, और वह 6 महीने की देरी से आता है, तो आपको 300 रुपये का अतिरिक्त ब्याज मिलेगा (हर महीने 50 रुपये के हिसाब से). यानी आपके खाते में कुल 10,300 रुपये जमा होंगे.
ध्यान देने वाली बात यह है, कि यह ब्याज तभी मिलेगा जब आपका रिफंड, आपके कुल टैक्स का कम से कम 1% से ज्यादा होगा. अगर रिफंड बहुत कम है (1% से कम), तो आपको ब्याज नहीं मिलेगा.
आईटीआर भरने के कितने दिन बाद आता है रिफंड?
अगर आपने सही समय पर और बिना किसी गलती के आईटीआर फाइल किया है, और समय पर उसे ई-वेरीफाई (E-Verify) भी कर दिया है, तो रिफंड आने में 4 से 5 हफ्ते लगते हैं. लेकिन अगर आपका बैंक अकाउंट पहले से प्री-वैलिडेटेड (Pre-Validated) है, तो रिफंड सिर्फ 7 से 20 दिन में भी आ सकता है.
अगर आपकी तरफ से कोई गलती हुई है जैसे – डॉक्यूमेंट अधूरे हैं, या जानकारी गलत है, तो रिफंड में देरी होगी और उस स्थिति में आपको ब्याज नहीं मिलेगा, और अगर आपको रिफंड समय पर मिल गया है, तो आपको कोई ब्याज नहीं दिया जाएगा.
आईटीआर भरने की अंतिम तारीख क्या है?
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स (जिनका ऑडिट नहीं होता) के लिए आईटीआर भरने की आखिरी तारीख पहले 31 जुलाई 2025 थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दिया गया है. अगर आप इस डेट तक आईटीआर नहीं भर पाते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2025 तक लेट फाइन के साथ आईटीआर भर सकते हैं. इसके लिए आपको 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा.













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