ITR Deadline 2026: 31 जुलाई तक ही भरना होगा आयकर रिटर्न, लेकिन संशोधित ITR के लिए वित्त मंत्री ने दी बड़ी राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में आयकर दाताओं के लिए रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा स्पष्ट की है. व्यक्तिगत करदाताओं के लिए 31 जुलाई की तारीख बरकरार रखी गई है, जबकि संशोधित रिटर्न के लिए बड़ी राहत दी गई है.
ITR Deadline 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी, 2026) संसद में बजट पेश करते हुए आयकर नियमों और अनुपालन (Compliance) को लेकर महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिए हैं. करदाताओं के बीच चल रही अटकलों को विराम देते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई, 2026 ही रहेगी. हालांकि, कर अनुपालन को आसान बनाने के उद्देश्य से 'संशोधित रिटर्न' (Revised Return) दाखिल करने की प्रक्रिया में बड़े बदलावों की घोषणा की गई है.
ITR फाइलिंग की समयसीमा में कोई बदलाव नहीं
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि कर प्रणाली में स्थिरता बनाए रखने के लिए नियमित आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन में कोई विस्तार नहीं किया गया है. जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट होना अनिवार्य नहीं है (मुख्यतः वेतनभोगी वर्ग और छोटे व्यापारी), उन्हें अपना रिटर्न 31 जुलाई तक ही जमा करना होगा. समय पर रिटर्न दाखिल न करने पर नियमानुसार विलंब शुल्क (Late Fee) और ब्याज लागू रहेगा. यह भी पढ़े: Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में 11 बजे पेश करेंगी आम बजट, जानें सरकार के पिटारे में देश के लिए क्या हो सकता है खास?
संशोधित और विलंबित रिटर्न के लिए नई सुविधा
बजट 2026 की एक बड़ी घोषणा 'रिवाइज्ड' और 'बिलेटेड' आईटीआर से जुड़ी है. अब करदाता अपनी गलतियों को सुधारने के लिए 31 मार्च तक संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकेंगे.
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कम फीस का प्रावधान: यदि कोई करदाता समयसीमा चूक जाता है या मूल रिटर्न में गलती सुधारना चाहता है, तो वह 31 मार्च तक मामूली शुल्क के साथ इसे जमा कर सकेगा.
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नया आयकर अधिनियम 2025: वित्त मंत्री ने बताया कि नया आयकर अधिनियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, जिसमें फॉर्म भरने की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है.
छोटे करदाताओं के लिए 'निल टैक्स' सर्टिफिकेट
वित्त मंत्री ने छोटे करदाताओं के लिए एक नई योजना का प्रस्ताव रखा है. इसके तहत एक स्वचालित प्रणाली (Automated System) के माध्यम से करदाता 'लोअर' या 'निल टैक्स' डिडक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे. इससे उन्हें असेसिंग ऑफिसर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और रिफंड के लंबे इंतजार से मुक्ति मिलेगी.
डिजिटल सुधार और रिफंड की रफ्तार
सरकार का ध्यान करदाताओं के अनुभव को बेहतर बनाने पर है. बजट में 'रियल-टाइम रिफंड ट्रैकिंग डैशबोर्ड' की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई है. वर्तमान में आयकर विभाग रिकॉर्ड समय में रिफंड जारी कर रहा है, और नए नियमों के तहत एआईएस (AIS) और फॉर्म-26AS के मिलान की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि नोटिस का डर कम हो सके.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 01, 2026 12:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

