Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना क्या है? बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बनाई गई इस खास सरकारी बचत योजना के बारे में
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) केंद्र की मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण बचत योजना है, जिसका लक्ष्य देश की बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है. यह योजना विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा, उच्च शिक्षा और विवाह से जुड़े खर्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है
Sukanya Samriddhi Yojana: सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) केंद्र की मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण बचत योजना है, जिसका लक्ष्य देश की बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना है. यह योजना विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा, उच्च शिक्षा और विवाह से जुड़े खर्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है.
10 साल की उम्र तक खाता खोल सकतें हैं
इस योजना के तहत माता-पिता या अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर 10 साल की उम्र तक खाता खोल सकते हैं. इसमें हर वर्ष न्यूनतम ₹250 से लेकर अधिकतम ₹1,50,000 तक की राशि जमा की जा सकती है. सरकार इस जमा राशि पर आकर्षक ब्याज दर प्रदान करती है, जो आमतौर पर अन्य बचत योजनाओं की तुलना में अधिक होती है. यह भी पढ़े: Sukanya Samriddhi Yojana: अब डाकघर जानें की जरूरत नहीं, मोबाइल से ही खुल जाएगा सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट; जानिए पूरा तरीका
परिपक्वता अवधि 21 वर्ष
इस खाते की परिपक्वता अवधि 21 वर्ष होती है, जबकि बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसकी शिक्षा या किसी अन्य जरूरत के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है. खाता खोलने और संचालन की प्रक्रिया पोस्ट ऑफिस और अधिकृत बैंकों में आसानी से उपलब्ध है.
सुकन्या समृद्धि योजना पूरे देश में लोकप्रिय
सुकन्या समृद्धि योजना पूरे देश में लोकप्रिय है, क्योंकि यह कम निवेश में बेटियों के लिए एक मजबूत और सुरक्षित आर्थिक फंड तैयार करने का अवसर देती है।
यह योजना कब शुरू हुई?
सुकन्या समृद्धि योजना 22 जनवरी 2015 को शुरू की गई थी. इसे केंद्र सरकार ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत लॉन्च किया था.
योजना को शुरू करने का सरकार का उद्देश्य
सरकार ने इस योजना को शुरू करने के पीछे कई महत्वपूर्ण उद्देश्य निर्धारित किए थे:
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बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना
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बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहन देना और आर्थिक बाधाएँ कम करना
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परिवारों को बेटियों के विवाह के लिए लंबे समय तक सुरक्षित बचत का विकल्प देना
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समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना
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कम राशि में भी नियमित बचत करने की आदत विकसित करना