UP Police Recruitment 2026: योगी सरकार का युवाओं को बड़ा तोहफा, यूपी पुलिस में 81,000 पदों पर भर्ती का ऐलान
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 UP Police Recruitment 2026:  उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर एक बड़ी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यूपी पुलिस में 81,000 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है. गुरुवार देर रात पुलिस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 युवाओं के लिए पुलिस सेवा में शामिल होने का एक बड़ा अवसर लेकर आएगा.  यह भी पढ़े:  UP Constable Recruitment 2026: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीखों का ऐलान, 32,679 पदों के लिए 8-9 और 10 जून को दो पालियों में एग्जाम

किन पदों पर कितनी होगी भर्ती?

बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) विभिन्न श्रेणियों में इन पदों को भरने की तैयारी कर रहा है. भर्ती के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित पद होंगे:

  • आरक्षी नागरिक पुलिस (Constable): सबसे अधिक रिक्तियां इसी संवर्ग में होने की उम्मीद है.

  • उपनिरीक्षक (SI - दरोगा): पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए नए दरोगाओं की भर्ती होगी.

  • रेडियो सहायक परिचालक (Radio Assistant Operator): तकनीकी विंग को सशक्त किया जाएगा.

  • कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और एसआई गोपनीय: डिजिटल रिकॉर्ड और डेटा मैनेजमेंट के लिए इन पदों को भरा जाएगा.

पारदर्शिता और तकनीक पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में 'शुचिता' (Purity) सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को निर्देशित किया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और आरक्षण नियमों के अनुसार होनी चाहिए. सीएम ने साफ लहजे में कहा कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने और परीक्षा से लेकर शारीरिक दक्षता (PET) तक के लिए एक सख्त 'टाइमलाइन' तय करने को कहा गया है.

यूपी पुलिस का 'हाई-टेक' अवतार और आधुनिक सुरक्षा

भर्ती के साथ-साथ पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर भी बड़ा फैसला लिया गया है. सरकार का लक्ष्य PRV-112 के रिस्पांस टाइम को वर्तमान के 6 मिनट से और कम करना है. इसके लिए नई गाड़ियां और डेटा आधारित पेट्रोलिंग शुरू की जाएगी.

साइबर सुरक्षा के मोर्चे पर भी यूपी पुलिस को और सशक्त किया जा रहा है. बीते एक साल में पुलिस ने ₹425.7 करोड़ की साइबर ठगी रोकने में सफलता पाई है. अब 1930 हेल्पलाइन को और अधिक सक्रिय बनाया जाएगा. साथ ही 'एक तहसील-एक फायर टेंडर' योजना के तहत हर जिले में हाइड्रोलिक फायर टेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे.

कार्यप्रणाली में बदलाव और तबादले

प्रशासनिक ताजगी बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा आदेश दिया है. राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले किए जाएंगे. इसके अलावा, सभी 75 जिलों के पुलिस रेडियो विभाग में ई-ऑफिस और डिजिटल व्यवस्था को पूरी तरह लागू कर दिया गया है.

मुख्यमंत्री के इन फैसलों से न केवल हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद जगी है, बल्कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पुलिस अधिक आधुनिक और डिजिटल रूप से सक्षम नजर आएगी.