Ladki Bahin Yojana: लाड़की बहन योजना की E-KYC डेडलाइन खत्म, क्या महाराष्ट्र सरकार पेंडिंग लाभार्थी महिलाओं को देगी एक और मौका? जानें ताजा अपडेट

महाराष्ट्र की 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना' के तहत ई-केवाईसी की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई है, जिससे उन महिलाओं में चिंता है जो प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाईं, साथ ही 17वीं और 18वीं किस्त के भुगतान को लेकर भी नई जानकारी सामने आई है

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Ladki Bahin Yojana E-KYC Update: महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहन योजना' एक बार फिर चर्चा में है. योजना का लाभ निरंतर जारी रखने के लिए अनिवार्य ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया की अंतिम समय सीमा बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो गई है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य की करोड़ों महिलाओं ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन अभी भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है जो तकनीकी दिक्कतों या अन्य कारणों से ई-केवाईसी नहीं करा पाया है. ऐसे में लाभार्थी महिलाओं के बीच इस बात को लेकर असमंजस है कि क्या सरकार उन्हें एक और मौका देगी या उनका लाभ स्थायी रूप से बंद हो जाएगा.

डेडलाइन खत्म, क्या बढ़ेगी तारीख?

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि ई-केवाईसी की समय सीमा पहले ही 18 नवंबर से बढ़ाकर 31 दिसंबर की गई थी. सरकार का मानना है कि लाभार्थियों को पर्याप्त समय दिया जा चुका है. वर्तमान स्थिति के अनुसार, जिन महिलाओं की ई-केवाईसी अधूरी है, उनकी आने वाली किस्तों पर 'अस्थायी रोक' लगाई जा सकती है. यह भी पढ़े: Ladki Bahin Yojana: E-KYC नहीं करने पर 31 दिसंबर के बाद रूक सकती है क़िस्त, ladakibahin.maharashtra.gov.in पर स्टेप बाय स्टेप इस प्रक्रिया को ऐसे करें पूरी

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि यदि बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं छूट गई हैं, तो सरकार विशेष पोर्टल या ऑफलाइन माध्यम से सुधार का एक अंतिम अवसर देने पर विचार कर सकती है, लेकिन अभी तक इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

17वीं और 18वीं किस्त का ताजा स्टेटस

योजना की 17वीं और 18वीं किस्त को लेकर लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है. रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने लंबित 17वीं किस्त का वितरण दिसंबर के अंतिम सप्ताह से शुरू कर दिया था. कई महिलाओं के खातों में ₹1,500 की राशि जमा होनी शुरू हो गई है. वहीं, 18वीं किस्त (जनवरी 2026) के लिए भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है. जिन महिलाओं की ई-केवाईसी सफल रही है, उनके खातों में संयुक्त रूप से या चरणबद्ध तरीके से ₹3,000 (दो महीनों की किस्त) आने की उम्मीद है.

नगर निकाय चुनाव और आचार संहिता का असर

महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों के कारण लागू होने वाली संभावित आचार संहिता भी किस्तों के वितरण को प्रभावित कर सकती है. राज्य प्रशासन की कोशिश है कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पात्र महिलाओं के खातों में पैसा ट्रांसफर कर दिया जाए. जिन महिलाओं का केवाईसी (KYC) पेंडिंग है, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे अपने आधार से जुड़े बैंक खाते का स्टेटस चेक करें और बैंक जाकर डीबीटी (DBT) सक्रिय होने की पुष्टि करें.

अगर ई-केवाईसी नहीं हुई तो क्या होगा?

सूत्रों की मानें तो जिन लाभार्थियों ने 31 दिसंबर तक ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, उन्हें योजना से पूरी तरह बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि उनका भुगतान तब तक रुका रहेगा जब तक वे सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं कर लेतीं. सरकार का उद्देश्य फर्जी लाभार्थियों और अपात्र आवेदनों को हटाकर पारदर्शिता लाना है. भविष्य में यदि सुधार की खिड़की (Correction Window) खुलती है, तो महिलाएं आधिकारिक वेबसाइट ladakibahin.maharashtra.gov.in पर जाकर इसे पूरा कर सकेंगी.

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