Road Safety Rules: सड़क हादसों से बचें, इन रोड सेफ्टी नियमों के पालन से सेफ जोन में रहेगी आपकी जिंदगी
इस लेख मे हम सड़क दुर्घटना रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की जा रही पहलों के बारे में जानेंगे.
Road Safety Rules in India: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हाल ही में अपनी वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित की है. रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटनाओं से संबंधित प्रमुख संकेतकों ने 2019 की तुलना में 2021 में बेहतर प्रदर्शन किया है. 2021 में सड़क दुर्घटनाओं में 8.1 प्रतिशत की और घायलों की संख्या में 14.8 प्रतिशत की कमी आई. इस लेख में हम सड़क दुर्घटना रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की जा रही पहलों के बारे में जानेंगे.
ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना
ड्राइवरों की योग्यता और क्षमता में सुधार के लिए केंद्र सरकार ड्राइवर लाइसेंसिंग और प्रशिक्षण प्रणाली को मजबूत करने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण और अनुसंधान (आईडीटीआर) केन्द्रों के मॉडल संस्थान स्थापित कर रहा है. इसमें सैद्धांतिक और व्यावहारिक ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाता है. ये भी पढ़ें- Gujarat Accident: साल के आखिरी दिन गुजरात में बड़ा हादसा, लग्जरी बस से टकराई फॉर्च्यूनर, 9 लोगों की मौत
रोड सेफ्टी ऑडिट
सड़क डिजाइन को सड़क सुरक्षा का एक अभिन्न अंग बना दिया गया है. रोड सेफ्टी ऑडिट मतलब सड़क का डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव को राजमार्ग परियोजनाओं के सभी स्तरों पर अनिवार्य कर दिया गया है. राष्ट्रीय राजमार्गों पर ब्लैक स्पॉट्स (दुर्घटना संभावित स्थलों) की पहचान और उनमें सुधार करने को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है. इस संदर्भ में मंत्रालय और आईआरसी समय-समय पर विभिन्न कोड और दिशानिर्देश जारी करते हैं जिससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं को कम किया जा सके.
मोटर वाहन (संशोधन) कानून
मोटर वाहन (संशोधन) कानून, 2019 के सड़क सुरक्षा मानदंडों और दिशानिर्देशों के प्रवर्तन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सुधार लाने, सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से नागरिक सुविधा, पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को कम करने और बिचौलियों को हटाने की उम्मीद है. मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 में सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त दंड का प्रावधान है और प्रौद्योगिकी के उपयोग के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने का भी प्रावधान है.
सीट बेल्ट और एयरबैग अनिवार्य
बढ़ती हुई सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने फैसला लिया कि सभी यात्री कारों (एम-1 श्रेणी) में कम से कम 6 एयरबैग अनिवार्य करने का प्रस्ताव 1 अक्तूबर 2023 से लागू किया जाएगा. इसका मतलब है कि अब 1 अक्टूबर 2023 के बाद से सभी कारों में 6 एयरबैग दिए जाने अनिवार्य होंगे. वहीं कार में बैठे सभी यात्रियों के लिए सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. सीट बेल्ट न लगाने पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान है.
भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम
भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (NCAP) एक तंत्र प्रदान करता है, जिसमें भारत में ऑटोमोबाइल को क्रैश टेस्ट में प्रदर्शन के आधार पर ‘स्टार रेटिंग’ दी जाएगी. यह प्रोग्राम एक उपभोक्ता-केंद्रित प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगा. इसमें ग्राहकों को 1 से 5 स्टार-रेटिंग के आधार पर सुरक्षित कारों की जानकारी मिलेगी. एनसीएपी को 1 अप्रैल, 2023 से शुरू किया जाएगा. यह देश में निर्मित या आयातित 3.5 टन से कम सकल वन वाले एम1 श्रेणी के अनुमोदित मोटर वाहनों पर लागू होगा. एम1 श्रेणी के मोटर वाहनों का उपयोग यात्रियों के आवागमन के लिये किया जाता है, जिसमें चालक की सीट के अलावा आठ सीटें होती हैं.
गति सीमा तय
मंत्रालय ने दुपहिया, तिपहिया, फायर टेंडर, एंबुलेंस और पुलिस वाहनों को छोड़कर सभी परिवहन वाहनों में गति सीमित करने का कार्य/गति सीमित करने वाला उपकरण अनिवार्य कर दिया है. इसके अलावा बसों (ड्राइवर को छोड़कर, 22 यात्रियों या उससे अधिक की बैठने की क्षमता के साथ) और स्कूल बसों में आग का पता लगाने, अलार्म अनिवार्य कर दिया है.
आपातकालीन देखभाल
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्गों के पूर्ण कॉरिडोर पर टोल प्लाजा पर पैरामेडिकल स्टाफ/आपातकालीन चिकित्सा तकनीशियन/नर्स के साथ एंबुलेंस के लिए प्रावधान किया है. हिट एंड रन मोटर दुर्घटनाओं के पीड़ितों के मुआवजे को बढ़ा दिया है (गंभीर चोट के लिए 12,500 रुपये से 50,000 रुपये और मृत्यु के लिए 25,000 रुपये से 2,00,000 रुपये). वहीं पीड़ित की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए नियम बनाया है कि जो दुर्घटना के समय पीड़ित को आपातकालीन मेडिकल या नॉन मेडिकल मदद देता है वो किसी दीवानी या आपराधिक कार्रवाई के लिये उत्तरदायी नहीं होगा.
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन
सड़क सुरक्षा के बारे में प्रभावी जन जागरूकता पैदा करने के लिए मंत्रालय द्वारा सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है. लोगों को सड़क सुरक्षा के बारें में जागरूक करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 11 से 17 जनवरी 2023 तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहा है.
भारत सरकार सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार ने नियम-कानून बना कर सड़क हादसों को कम करने का प्रयास किया है. अब लोगों को भी चाहिए की वो भी इन नियम कानूनों का पालन करें और सुरक्षित रहें.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 31, 2022 02:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

